मनरेगा मजदूरों की बेटियों ने जेण्डर असमानता को दूर करने का लिया संकल्प

मनरेगा मजदूरों की बेटियों ने जेण्डर असमानता को दूर करने का लिया संकल्प

नरेश गुप्ता /राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट

मनरेगा मजदूरों की बेटियों ने जेण्डर असमानता को दूर करने का लिया संकल्प


आशा ट्रस्ट व मनरेगा मजदूर यूनियन की पहल


वाराणसी :

राजातालाब/आराजी लाइन मनरेगा मजदूरों की बेटियों ने जेण्डर असमानता व लड़कियों के प्रति हो रही हिंसा को खत्म करने का संकल्प आशा ट्रस्ट व मनरेगा मजदूर यूनियन द्वारा आराजी लाइन सभागार में आयोजित कार्यशाला में लिया ।


   कार्यशाला में लोक चेतना समिति की नीति मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुई, उन्होंने समाज मे बालिकाओं के प्रति जो रवैया रहता है उसके प्रति किशोरियों को जागरूक किया।उन्होंने कहा कि आज भी ग्रमीण इलाकों में लड़का और लड़की में भेदभाव किया जाता है।


   उन्होंने बताया कि अगर समाज से इस भेदभाव को मिटाना है तो लड़कियों को खुद ही आगे आना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि आज भी जब लड़कियां घर से बाहर निकलती है तो घर वाले जबाब सवाल करते है जबकि एक लड़का आधी रात को भी घर से निकलता है तो सवाल नही पूछा जाता। उन्होंने इस गैर बराबरी को रोकने के लिए किशोरियों को खड़े होने का आह्वाहन किया।


    इस अवसर पर मनरेगा मजदूर यूनियन के संयोजक सुरेश राठौर ने बताया कि मनरेगा मजदूर यूनियन गांव गांव में शिक्षण प्रशिक्षण के माध्यम से किशोरियों को जेण्डर असमानता के प्रति जागरूक करने का काम कर रही है। ताकि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके ।


    कार्यशाला में प्रमुख रूप से मानसी गुप्ता, रेनू, खूशबू, नेहा, निशा, किरण, पूजा, अंजली, काव्या, रेशमा, चंदा कुसुमलता, श्रद्धा, काव्या, सुनीता, रेखा, शीला, सुशीला सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। 

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