यूडी स्कूल के सिलेबस की महंगाई चरम सीमा पर

यूडी स्कूल के सिलेबस की महंगाई चरम सीमा पर
  • कक्षा 1 का सिलेबस लगभग 8500 तो किसी को 9000 मे मिलता है 
  • कैसे गरीब परिवार देंगे अपने बच्चो शिक्षा 

नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होते ही निजी स्कूल के संचालक का गोरखधंधा भी परवान चढ़ गया है इस धंधे के परवान चढ़ते ही अभिभावकों की जेबें ढीली होने लगी है सरकार के सख्त रुख के बाद भी जिला अधिकारी व शिक्षा विभाग स्कूलों के संचालकों के गोरखधंधे को रोक पाने में सक्षम नहीं दिख रहे है या हो सकता रोकने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। आपको बताते चलें कि ऐसा मामला गोला नगर के अंतर्गत मैनेजर सनी गुप्ता द्वारा संचालित यूडीसीए विद्यालय मे किताबों की बहुत सी दुकानें होने के बावजूद भी यहां की पुस्तकें एक ही निर्धारित दुकान पर उपलब्ध हैं

स्कूल में जिन प्रकाशन की किताबें चलाई जानी हो उनका सार्वजनिक प्रकाशन क्यों नहीं किया गया। शायद ऐसा इसलिए नहीं किया जाता है क्योंकि यदि किताबें अन्य दुकानों पर भी उपलब्ध हो जाएगी तो स्कूल संचालक अपने विद्यालय पाठ्यक्रम में प्रति वर्ष की किताबें लगाते हैं इससे कोई छात्र अपने पूर्व छात्र की पुस्तकों का प्रयोग ना कर सके जबकि शासन का निर्देश है कि विद्यालय में एनसीईआरटी की किताबें लगाई जाएं लेकिन किसी भी विद्यालय में इसका अनुपालन नहीं हो रहा है।

सिलेबस का रेट मुंह जवानी याद नहीं है दुकान से पता कर ले। सिलेबस के महंगा होने का कारण अभिभावकों के पूछने पर बताया जाएगा। कोर्स के महंगे होने की शिकायत मेरे पास किसी अभिभावक ने नहीं की है अभी तक। महंगा होने का कारण मैं बुक्स की कंपनी से पूछ कर बताता हूं।  

*सनी गुप्ता प्रबंधक यूडीसीए।*

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