राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विदिशा नगर द्वारा निकाला गया पथ संचलन

विदिशा से शोभित जैन की रिपोर्ट

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विदिशा नगर द्वारा निकाला गया पथ संचलन ।

जिला प्रचार प्रमुख लाखन सिंह जाट ने बताया कि प्रात 9:00 बजे बरईपुरा विद्यालय में सभी स्वयंसेवक एकत्रित हुए इसके पश्चात अधिकारियों द्वारा शस्त्र पूजन किया गया शस्त्र पूजन के पश्चात ध्वजारोहण हुआ। अधिकारियों का परिचय हुआ।परिचय प्रेम सिह ने कराया  गीत एवं अमृत वचन हुआ ।
जिला संघचालक खुमान सिंह रघुवंशी ,विभाग सह कार्यवाह  नवीन जोशी विभाग प्रचारक कैलाश लब वंशी रहे।


मुख्य वक्ता के रूप में  नवीन जोशी ने बताया कि आज का दिन सत्य की असत्य पर जीत है आज ही के दिन दशानन रावण का वध किया गया था देवी दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया नवरात्रि मैं मां दुर्गा की आराधना की जाती है इसके पश्चात दशहरा मनाया जाता है महाभारत काल में पांडवों द्वारा शमी के वृक्ष के नीचे शस्त्रों को छुपाया गया था इसलिए शमी की पूजा की जाती है महाराजा शिवाजी द्वारा आज ही के दिन औरंगजेब की सेना पर आक्रमण किया था इसलिए इसे सीमा उल्लंघन का दिन भी कहा जाता है

आज ही के दिन डॉ केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में संघ की स्थापना की गई थी आज संघ का स्थापना दिवस है 1928 को नागपुर के अंदर पहली बार पथ संचलन का आयोजन किया है पथ संचलन लगातार कई वर्षों से चला रहा है कल 18 अक्टूबर 2018 को नागपुर में हमारे विदिशा के ही कैलाश सत्यार्थी द्वारा संघ के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए यदि सज्जनों के पास विद्या होती है वह विद्वान बनता है वैज्ञानिक बनता है

इसी प्रकार धन शास्त्र सज्जनों के पास होंगे तो देश एवं समाज संबल बनेगा हिंदू समाज का संगठन करना बड़ा ही मुश्किल होता है लोगों की धारणा रहती है चार हिंदू शमशान के लिए एकत्रित होते हैं अर्थात हिंदुओं का संगठित होना असंभव होता है परंतु डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा यह संभव हुआ भारत के लोगों ने कभी किसी विदेशों पर आक्रमण नहीं किया अपनी सीमाओं की सुरक्षा की परंतु कुछ समय के लिए हमारे देश की सीमाएं हमारा धर्म संकट में आ गया बाहरी आक्रमण होने लगे और हम गुलाम होते चले गए मोहम्मद गजनवी द्वारा सोमनाथ का मंदिर लूटा गया

बाबर द्वारा भगवान श्री राम का मंदिर अयोध्या को तोड़ा गया हिंदू समाज को खंडित किया गया 1750 में भारत के सभी राज्यों में मराठों ,सिख समाज का अधिपत्य होता जा रहा था परंतु पानीपत का युद्ध में अन्य हिंदू राजाओं द्वारा मदद नहीं की गई जिसके कारण आज का इतिहास गुलामी का इतिहास वन गया  स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था 175 वर्ष भारत के संक्रमण काल है उसके बाद भारत का भाग्योदय होगा।


अंत में स्वयंसेवक कदमताल करते हुए मुख्य मार्गों पर स्वयंसेवक निकले विदिशा के समाज द्वारा विभिन्न स्थानों पर चौक चौराहों पर अपने अपने घरों से अपने अपने घरों के सामने पुष्प अर्चन द्वारा स्वागत किया गया राष्ट्र सेविका द्वारा रंगोली सजाकर पुष्प वर्षा कर कर स्वागत किया गया।

 

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