विद्युत मजदूर संगठन एवं विद्युत संविदा मजदूर संगठन उ०प्र० की एक संयुक्त आपात बैठक

विद्युत मजदूर संगठन एवं विद्युत संविदा मजदूर संगठन उ०प्र० की एक संयुक्त आपात बैठक

लखनऊ,

 

विद्युत मजदूर संगठन एवं विद्युत संविदा मजदूर संगठन उ०प्र० की एक संयुक्त आपात बैठक   अरुण कुमार की अध्यक्षता में संगठन के केंद्रीय कार्यालय हमबरा अपार्टमेंट नरही मे हुयी । प्रमुख रूप से शमीम अहमद, आलोक सिन्हा, आरसी पाल, श्रीचन्द्र,नवीन श्रीवास्तव,आर० वाई०शुक्ला, जलीलुर्रह्मान,प्रवीण सिंह, पुनीत राय,राहुल कुमार, उदय प्रताप सिंह,अभिजीत भट्टाचार्य, अतुल दुबे एवं आर० यस० राय अध्यक्ष विद्युत संविदा मजदूर संगठन उ०प्र०उपस्थित रहे। 

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मा मुख्यमंत्री द्वारा बिजली कर्मचारियों के सीपीएफ एवं जीपीएफ के लगभग 2300 करोड़ रुपयों के घोटाले की सीबीआई जांच कराए जाने का स्वागत किया गया,ऊर्जा मंत्री एवं चेयर मैन द्वारा कर्मचारियों के पैसों काे सुरक्षित रखे जाने संबन्धी बयान की भी प्रशंसा की गयी ।संगठन ने कहा है कि  17 मार्च 2017 को दागी कंपनियों में पैसा लगाने की कार्यवाही पूर्व सरकार से शुरू हुई जो निरन्तर 2बर्षो से वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भी चलती रही।  

 

जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार द्वारा भी उदासीनता बरती गयी ।संगठन यह भी  मांग करता है कि ट्रस्ट की देखरेख प्रबंध निदेशक पावर कॉर्पोरेशन की अध्यक्षता में हो एवं बोर्ड ऑफ  ट्रस्टीज की कमेटी में कर्मचारी संगठनों के   संख्या जो वर्तमान में 1 है उसे बढ़ाकर 7 की जाए। संगठन ने माननीय मुख्यमंत्री से मांग किया  की कार्मिकों के जीपीएफ एवं सीपीएफ  का लगभग 2300 करोड़ रूपया सरकार राजाज्ञा जारी करके ट्रस्ट को को दे। 


बैठक में कहा गया कि संगठन द्वारा विगत वर्षों से संविदा कर्मचारियों के एक हज़ार करोड ईपीएफ धनराशि केघोटाले की सीबीआई से जांच की मांग लगातार सम्मेलनों में एवं द्विपक्षीय वार्ताओं में तथा ऊर्जा मंत्री से किया जाता रहा है उसके बाद भी राज्य सरकार द्वारा अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई, संगठन की माननीय मुख्यमंत्री  से मॉग है कि इस घोटाले की सीबीआई जांच एक निर्धारित समय अवधि में कराई जाए एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए ताकि संविदा कर्मचारियों को न्याय मिल सके।  
विमल चन्द्र पाण्डेय,मीडिया प्रभारी

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