गुरुग्राम में सड़के हुई तालाब में तब्दील, दिल्ली में भी हुई भारी बारिश मौसम विभाग ने किया अलर्ट

 
गुरुग्राम में सड़के हुई तालाब में तब्दील, दिल्ली में भी हुई भारी बारिश मौसम विभाग ने किया अलर्ट

स्वतंत्र प्रभात 
 

दिल्ली- एनसीआर में गुरुवार को हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के कई इलाकों में जल-जमाव की वजह से देर रात तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। गुरुग्राम प्रशासन ने बारिश की संभावना और जलजमाव की समस्या को देखते हुए सभी निजी और कॉरपोरेट ऑफिस के को सलाह दी है कि वो अपने कर्मचारियों के लिए अगले दिन 'वर्क फ्रॉम होम' के लिए कहें। वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पहली के 8वीं तक के बच्चों की कक्षाएंं स्थगित कर दी गई हैं। उधर, मौसम विभाग ने दिल्ली के साथ उसके आस-पास के इलाकों में अभी दो-तीन दिन के लिए बारिश की भविष्यवाणी की है। IMD ने अगले 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के लौटने से पहले पहले राजधानी में सितंबर के महीने में तेज बारिश की संभावना है।

गुरुग्राम में बिगड़ी स्थिति
साइबर सिटी के नाम से मशहूर दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भारी बारिश के चलते कई सड़कों पर पानी भर गया है। गुरुवार सुबह से हो रही तेज बारिश के दौरान शहर की तमाम सड़कें पानी में डूब गई हैं। निचले इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। भारी बारिश होने के बाद दिल्ली से जयपुर हाईवे को जाने वाली मुख्यलेन पर 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मौसम विभाग का कहना है कि गुरुग्राम में अगले दो दिनों तक गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। IMD की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, दादरी, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी अगले दो से तीन दिन तक हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक यूपी के कई जिलों में अभी बादल छाए हुए हैं। यहां अगले तीन दिनों तक अच्छी बारिश का अनुमान है। 24 सितंबर तक एक या दो बार भारी बारिश भी हो सकती है। पूरे प्रदेश में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 27 सितंबर तक दिल्ली में हल्की से तेज बारिश बारिश होगी। मौसम विभाग का मानना है कि NCR से मानसून की वापसी से ठीक पहले हुई ताजा बारिश से वर्षा में कमी (सितंबर में अब तक 46 फीसदी) को कुछ हद तक पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे हवा भी साफ रहेगी और तापमान भी नियंत्रित रहेगा।
 

   

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