प्राथमिक विद्यालय में अधूरा शौचालय शौच को खुले में जाते बालक बालिकाएं

खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार कायाकल्प योजना के तहत कराया जाएगा कार्य
 
प्राथमिक विद्यालय में अधूरा शौचालय शौच को खुले में जाते बालक बालिकाएं

स्वतंत्र प्रभात-

कोथावां- हरदोई

ब्लाक के निरंजन पुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय पंचायत प्रधान पार्वती देवी एवं सचिव अमर सिंह की अनदेखी का शिकार हो रहा है। विद्यालय के चारों ओर टूटी बाउंड्रीवाल के कारण विद्यालय में आवारा जानवरों का आवागमन बराबर जारी है। वही विद्यालय के अंदर बच्चों को पानी पीने हेतु कोई भी हैंडपंप नल नहीं लगा हुआ है। लोगों के अनुसार पूर्व में हैंडपंप लगा हुआ था जिसमें किसी तरह समर डालकर पानी सप्लाई जारी की गई है जिससे अब बच्चे पानी पीते हैं। वहीं बच्चों को शौच के लिए विद्यालय परिसर में कई माह पूर्व से शौचालय निर्माण प्रारंभ कराया गया था जो प्रधान एवं पंचायत सचिव की उदासीनता की भेट चढ़ा हुआ है। जिसका निर्माण कार्य पूर्ण ना

होने के कारण नन्हें-मुन्ने बच्चे खुले खेतों में शौच को जाने पर मजबूर है। इस मामले पर अभिभावको ने नाराजगी जाहिर की। पंचायत निधि से प्रधान एवं सचिव की मिलीभगत से कराए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान कुछ ही समय पहले टाइल्स लगाए गए थे जो टूटने एवं हिलने लगे। उपरोक्त मामले संबंधी सचिव से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा टाइल्स जिस कारीगर के द्वारा लगाए गए हैं उसे बुलाकर सही कराया जाएगा। सरकार द्वारा पूरा पैसा ना मिलने के कारण निर्माण कार्य अधूरा है। विद्यालय के सहायक अध्यापक नरेंद्र बहादुर के अनुसार विद्यालय की बाउंड्रीवाल बीते तीन वर्ष से टूटी है जिससे आवारा जानवर विद्यालय परिसर में घुस आते हैं। निर्माण कार्य कराने

की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। वही फोन वार्ता के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि उपरोक्त विद्यालय का कार्य कायाकल्प योजना के तहत किया जाएगा मैने हेडमास्टरों की मीटिंग में कह दिया है कि अपने स्कूल की कार्योजना बीपीडी में सम्मिलित करा दे सभी प्रधान अध्यापक। ग्राम निधि से होगा सारा कार्य। कायाकल्प के तहत साप्ताहिक समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारी से बैठक होती है। जितने भी पैरामीटर जहां तक पूर्ण हुए हैं उसके आगे का ऑटोमेटिक हम लोग लिए ले रहे हैं। आने वाले सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी इन्हीं सब मामलों को लेकर बैठक कर रहीं हैं। मैं उनसे कल ही बैठक कर लेता हूं। मामले संबंधी जानकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह से लेनी चाही तो वह मीटिंग में होने का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से बचते दिखे।

   

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