बोरिंग अनुदान योजना में हो रहा घोटाला

सरकारी बोरिंग का पैसा किसानों के खाते में नहीं भेजा जाता 
 
बोरिंग अनुदान योजना में हो रहा घोटाला 

स्वतंत्र प्रभात 

रामनगर बाराबंकी विकासखंड रामनगर अंतर्गत गांवों में किसान का आधार कार्ड,पासबुक फोटो सहित 400 रुपए ठेकेदारों द्वारा लेकर ऑनलाइन करके किसानों की सरकारी बोरिंग बुक की जाती है। बोरिंग ठेकेदार द्वारा पाइप जली व अन्य सामान की व्यवस्था की जाती है ठीक उसके पहले किसान से बोरिंग चार्ज सात हजार रुपए बताया जाता है। जब किसान की बोरिंग हो जाती है तो किसानों के खातों में पैसा ना भेज कर बड़ा घोटाला बोरिंग टेक्नीशियन व बोरिंग करने वाले ठेकेदार करते हैं।सामान्य वर्ग के लोगों के लिए बोरिंग अनुदान योजना में पांच हजार से सात हजार रुपए आता है लेकिन विकास खंड रामनगर ब्लॉक में बोरिंग टेक्नीशियन द्वारा सेटिंग की

दुकानों रामनगर महादेवा फतेहपुर या मसौली से पर्ची काट कर सामान उठाया जाता है।सामान्य वर्ग को 40 फुट पाइप और 40 फुट जाली देकर  छुट्टी कर ली जाती है, वहीं 40 फुट पाइप और जाली अगर प्राइवेट दुकान से कहीं खरीदा जाए तो बहुत ही अच्छी क्वालिटी का 4000 रुपए में पाइप और जाली मिल जाएगी।निशुल्क बोरिंग में बड़ा ही भयंकर घोटाला हुआ है और वर्तमान समय में किया जा रहा है कई गरीब किसान इसका शिकार भी हुवे है। घटिया किस्म की पाइप दे दी गई जो कि एक हफ्ते में पानी छोड़ देती है और पाइप अंदर से फट जाता है।आपको बता दें लोहटी जई ग्राम सभा के किसान कृष्ण कुमार की एक हफ्ता बोरिंग नहीं चली पानी छोड़ दिया और पाइप अंदर से फट गया करीब 6 हजार रुपए भी लिए गए ठेकेदार द्वारा। टेक्नीशियन किसान के खेत जाकर बोरिंग भी देखें लेकिन 2 महीने से ज्यादा हो चुके हैं अभी तक बोरिंग

को सही नहीं किया गया है।किसान प्रकाश संजय कैलाश आनंद कुमार सोनू कुमार प्रेम सहित कई किसानों ने बताया घटिया किस्म की सामग्री लगाई जाती है बोरिंग में वह तुरंत ही बोरिंग पानी बंद कर देती है।1 वर्ष भी बोरिंग नहीं चली और पाइप पंचर हो जाता है।सुविधा शुल्क के नाम पर किसानों से बोरिंग करने के पहले ही पैसे मांगे जाते हैं।बोरिंग चार्ज किसानों का ना देकर किया गया बंदरबांट अधिकारियों की जेब हो रही मजबूत*बोरिंग चार्ज को लेकर किसानों के साथ बड़ा बंदर बांट किया गया है, किसानों को बोरिंग चार्ज न देकर अधिकारियों ने अपने जेबें  मजबूत कर ली है, पैसा मांगने पर अधिकारी किसानों को टरका बता रहे हैं। प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई योजनाएं चालू की हैं।  सरकार ने मुफ्त बोरिंग योजना की शुरूआत की है। इसके तहत किसानों को सिंचाई के लिए सब्सिडी पर बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके तहत सौ मीटर तक बोरिंग कराने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। लेकिन सरकार के इस मुहिम को ब्लॉक स्तर पर बैठे सिंचाई विभाग के अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। रामनगर, सूरतगंज ब्लॉक में किसानों को निशुल्क बोरिंग तो दे दी गई , लेकिन आज तक उनको बोरिंग  चार्ज नहीं दिया गया। जिससे किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। नि:शुल्क बोरिंग कराने वाले किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। सामान्य वर्ग के किसानों को बोरिंग के लिए पांच हजार से सात हजार रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को 10 हजार रुपये तक की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है। इसके अलावा सरकार की ओर से गहरी बोरिंग योजना शुरू की गई है। लघु सिंचाई विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार गहरी बोरिंग योजना के तहत किसान सौ मीटर तक गहरी बोरिंग करा सकते हैं।

बोरिंग कराने में आने वाले खर्च का 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। रामनगर तहसील क्षेत्र के किसानों ने परेशान होकर सीडीओ से बोरिंग  चार्ज में हुए खेल की जांच कराने की मांग भी है ,किसानों ने बताया कि मई माह में बोरिंग तो करा दी गई, लेकिन बोरिंग चार्ज 10 हजार रुपए अभी तक नहीं दिया गया, ब्लॉक के अधिकारी बोरिंग चार्ज का रुपया दूसरों के खाते में भेज कर निकलवा लेते है।

   

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