ग्राम प्रधान की मनमानी शिकायत के बाद भी नही हो सका नाली का निर्माण

जल निकासी ना होने पर घर की दीवारें हो रही जर्जर, दीवारों के धंसने समेत गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रमित बीमारी फैलने की भी आशंका 

 
ग्राम प्रधान की मनमानी शिकायत के बाद भी नही हो सका नाली का निर्माण

स्वतंत्र प्रभात

भीटी अंबेडकरनगर जिलाधिकारी समेत खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है। गांव के बीचो बीच में नाली का निर्माण ना होने की वजह से घर के आस पास गंदा पानी लम्बे समय से इकट्ठा हो रहा है। साथ ही कच्ची नाली होने की वजह से पानी की निकासी ना होने पर घर की दीवारें जर्जर हो रही है तथा दीवारों के धंसने की भी आशंका बनी हुई है। गंदा पानी निकासी न होने से गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रमित बीमारी

फैलने की भी आशंका है। ग्रामीणों के द्वारा कई बार ग्राम प्रधान को भी अवगत कराया गया है लेकिन आज तक उनके कान में जू तक नही रेगा। मामला भीटी विकासखंड अंतर्गत ग्रामसभा धरमगंज के मजरे जुआ गांव का है। आपको बता दें गांव निवासी लगभग एक दर्जन लोगों ने लिखित शिकायत पत्र खंड विकास अधिकारी भीटी को बीते 29 जुलाई को देते हुए अवगत कराया था कि प्रार्थी गणों के घर से सटे पीछे कच्ची नाली है जिससे गांव के लगभग 20 व्यक्तियों के घर व नापदान का पानी बराबर बहता है। पानी निकासी हेतु कोई भी व्यवस्था नहीं किया गया है

। उक्त पानी पीड़ितों के घर से खेत में जाता है। जिससे प्रार्थी के घर की दीवाल जर्जर हो चुकी है। ग्राम प्रधान से नाली बनवाने व जल निकासी की व्यवस्था हेतु कई बार कहा गया पर ग्राम प्रधान सुनीता देवी द्वारा उक्त के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं किया गया। प्रधान पति द्वारा नाली निर्माण करने की कोई सुनवाई नही कर रहे हैं उक्त परिस्थिति में जल निकासी व सुरक्षा के दृष्टिगत रखते हुए उचित कार्यवाही किए जाने की मांग गांव के मोनू मौर्य देवमती, शैलेश, प्रवेश कांति, चमेली, देवनारायण, रीता, केवला देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने सामूहिक शिकायती पत्र खंड विकास अधिकारी को दिया था। वहीं बीते 2 अगस्त को महेंद्र मौर्या महेश कुमार

जितेंद्र मौर्य आदर्श वर्मा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि पीड़ितों के घर से सटी कच्ची नाली लगभग 6 वर्षो से निकाला गया है। घर की दीवार नाली के कारण जर्जर हो चुकी है। जिसकी वजह से गिरने के कगार पर है। नाली के दोनों तरफ मकान की दीवार है। कई बार पीड़ितों द्वारा प्रार्थना पत्र सचिव उप जिलाधिकारी तथा खण्ड विकास अधिकारी को देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुआ। एक बार शिकायती पत्र देने के बाद ग्राम सचिव एडीओ पंचायत तथा ग्राम प्रधान आए थे जिन्होंने नाली का निर्माण करने से मना कर दिया। तभी से ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है जिसका अभी तक कोई निराकरण नहीं हो पाया है।

   

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