शुरू हुआ “एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर” अभियान

2 सितंबर 2022 मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने व गर्भवती तथा धात्री के पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों पर “एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर” अभियान की शुरुआत एक सितंबर से  हुई  

 
शुरू हुआ “एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर” अभियान 

स्वतंत्र प्रभात


रायबरेली , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एक सितंबर से शुरू हुया यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा | इस अभियान के दौरान गर्भवती व धात्री महिलाओं को आयरन फॉलिक एसिड , कैल्शियम और एल्बेंडाजोल की गोलियां प्रदान की जा रही हैं । साथ ही आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती और धात्री महिलाओं को चिन्हित कर रही हैं और उनकी सेहत परख रही हैं |प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ए.के. चौधरी ने  बताया  कि अभियान में प्रसव पूर्व जांच व समय से गोलियों के सेवन के लिए भी जागरूक किया जा रहा है |  मुख्यमंत्री आरोग्य मेला, ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से भी व्यापक जनजागरूकता लायी जाएगी |जिला कार्यक्रम प्रबंधक राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि एनीमिया का प्रबंधन बहुत जरूरी होता है क्योंकि

एनीमिया से ग्रसित गर्भवती को समय से पहले प्रसव हो सकता है | इसके साथ ही हाइपोथायरायडिज्म, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, प्रसव पश्चात रक्तस्राव, गर्भपात,संक्रमण भी हो सकता है और यहाँ तक कि  गर्भवती की मृत्यु भी हो सकती है | गर्भवती के साथ-साथ बच्चे का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है | बच्चा समय से पहले और कम वजन का हो सकता है | बच्चे को भी एनीमिया हो सकता है | कभी-कभी नवजात की मृत्यु भी हो सकती है |  इसलिए गर्भवती को चिकित्सक या स्वास्थ्यकार्यकर्ता  की सलाह को मानते हुए आयरन फॉलिक एसिड(आईएफ़ए), कैल्शियम और एल्बेंडाजोल की गोलियों का सेवन जरूर करना चाहिए | एनीमिया होने का एक कारण पेट में कीड़े होना भी होता है | गर्भावस्था के दौरान चिकित्सक की सलाह पर एल्बेंडाजोल की गोली का सेवन जरूर करना चाहिए |जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता यासीन अहमद द्वारा बताया गया कि गर्भावस्था व प्रसव उपरान्त महिलाओं को बेहतर पोषण की आवश्यकता होती है। आयरन फोलिक एसिड व कैल्शियम की गोलियां प्रत्येक गर्भवती व धात्री महिलाओं को दी जाती हैं। फ़ॉलिक एसिड शिशु को जन्मजात होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाता है एवं कैल्शियम शिशु की हड्डियों व दांत के विकास के लिए बेहद आवश्यक होता है । 

   

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