11दिन बीत जाने के बाद सामूहिक हत्याकांड का नहीं हुआ खुलासा

 
11दिन बीत जाने के बाद सामूहिक हत्याकांड का नहीं हुआ खुलासा

 स्वतंत्र प्रभात 
प्रयागराज ब्यूरो।


  थरवई थाना क्षेत्र के खेवराजपुर गाँव में एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या के मामले में 11 दिन बीत जाने के बाद भी अपराधियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी इस घटना को लेकर जहाँ प्रदेश सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है ऐसे में पुलिस का अपराधियों तक न पहुंच पाना महकमे के लिये चुनौती भरा है

         जनपद प्रयागराज के थरवई थाना क्षेत्र के खेवराजपुर गाँव में 22-अप्रैल की रात में एक ही परिवार के बच्चों और मुखिया को मिला कर पांच लोगों की हत्या हो गयी सुबह जैसे ही इस घटना की भनक पुलिस महकमें को लगी जिले मुखिया समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर सारी औपचारिकता निभाते हुये जल्द ही घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया इस नृशंस हत्या पर मुख्यमंत्री कार्यालय से भी अधिकारियों को जल्द पटाक्षेप करने का फरमान भी जारी किया गया ।

जिले के कप्तान ने अपने मातहतों को जल्द खुलासा करने के लिये सात टीम बना कर जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया घटना के समय थाने का कोई प्रभारी न होने के कारण दूसरे ही दिन जिम्मेदार इंस्पेक्टर को थरवई थाने का प्रभार भी इस आशय से सौपा गया कि घटना का जल्द खुलासा हो सकेगा अपराधियों को पकड़ने के लिये कप्तान महोदय द्वारा ईनाम की भी घोषणा कर दी गयी 

बावजूद उसके 11 दिन बीत जाने के बाद अपराधी पुलिस के चंगुल में नहीं आ सका पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खोजी कुत्ता भी मामले में कोई सुराग नहीं दे सका. पुलिस महकमें ने घटना के तथ्यों को उजागर करने के लिये ताबड़तोड़ छापेमारी भी की सैकड़ों लोगों को पूछंतांछ के लिये उन्हें थाने भी ले आयी घटना के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ आज भी खाली है प्रत्यक्ष दर्शियो की माने तो जिस तरह पांचों लोगों की हत्या की गयी है उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि हत्यारों की मंशा सिर्फ हत्या नहीं थी जिस बेरहमी से मासूमों को मौत के घाट उतारा गया है जैसे हत्यारों ने कोई बदला लिया है महिलाओं के शरीर के अस्तव्यस्त कपड़े तो उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ होने की व्यथा कथा कह रहे थे

 किन्तु पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस तरह का कोई साक्ष्य नहीं मिला विचारणीय बिन्दु यह है कि क्या सभी लोगों पर एक साथ हमला हुआ, हमले के समय किसी की नींद क्यों नहीं खुली, क्या लोगों को कोई नशीला पदार्थ दिया गया था हत्यारों की संख्या कितनी थी कि उन्होंने एक साथ पांच लोगों की जीवन लीला समाप्त कर दी इस घटना ने अपने पीछे पुराने सिद्धान्तों को खुली चुनौती दी है पुलिस अब तक यह मानती चली आ रही है कि अपराधी कितना भी शातिर हो किन्तु सुराग अवश्य छोड़ जायेगा खेवराजपुर में हुई लोमहर्षक घटना में पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं मिल सका प्राचीन काल से यह सिद्धांत रहा कि हत्या जर,जोरु,जमीन के कारण हत्यायें होती रही है 

किन्तु इस घटना में इस तरह का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा पुलिस इस घटना को कई दृष्टिकोण से छानबीन कर रही है किन्तु 11 दिन में कोई अहम सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग सका है बाहरी लोगों से उन मासूमों की क्या दुश्मनी थी जिन्होंने अपनी जिंदगी खो दी बंजारों के गिरोह से लेकर सारे पहलुओं पर प्रयागराज पुलिस निगाह गड़ाये हुये हैं किन्तु पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है ।

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