भ्रूण लिंग की जांच पर होगी कार्रवाई-सीएमओ

-10 अगस्त से अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच करेगी टीम

 
भ्रूण लिंग की जांच पर होगी कार्रवाई-सीएमओ 
-पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत संचालित होंगे सेंटर
 

अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों की बैठक में दिए निर्देश 

महोबा । ब्यूरो रिपोर्ट-अनूप सिंह

किसी भी सूरत में भ्रूण लिंग का परीक्षण न किया जाए। ऐसा करते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मरीज के अल्ट्रासाउंड के दौरान रेडियोलॉजिस्ट का होना अनिवार्य है। मरीज व तीमारदारों से अवैध वसूली भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों की बैठक के दौरान सीएमओ डा. धनेश कुमार गर्ग ने कहीं। 
सीएमओ ने कहा कि अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप से प्रतिमाह उनके कार्यालय में भेजें। पीसीपीएनडीटी अधिनियम- 1994 के तहत ही सेंटरों को संचालित किया जाए। उन्होंने सात दिन में सारी व्यवस्थाओं को ठीक करने के निर्देश दिए। कहा कि जनपद के 14 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। यदि भ्रूण लिंग की जांच होती पाई गई तो अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जिलाधिकारी मनोज कुमार के निर्देश पर सेंटरों की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। यह टीम 10 अगस्त के अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच करेगी। 

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आने वाले लोगों का पूरा ब्यौरा निर्धारित प्रारूप पर अंकित करें। साथ ही अल्ट्रासाउंड कराने वाले के हस्ताक्षर फार्मेंट और रजिस्टर पर अंकित कराए जाएं। प्रत्येक माह कि 20 से 24 तारीख तक नियमानुसार सीएमओ कार्यालय में प्रेषित किया जाए। सेंटर के बाहर एक बड़ोसे बोर्ड पर भ्रूण लिंग जांच प्रतिबंधित है अंकित किया जाए। साथ ही सेंटर के अंदर उसके लाइसेंस संबंधी कागजात चस्पा किए जाएं। कहा कि जिन निजी सेंटरों पर डाक्टर अल्ट्रासाउंड नहीं करते, बल्कि फार्मासिस्ट अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं, ऐसे सेंटरों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
 

   

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