बीएसए ने लिया अपना तुगलकी फरमान वापस, विद्यालयों में जाकर पत्रकार कर सकते हैं जांच-पड़ताल व रिपोर्टिंग

पत्रकारों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए बीएसए ने लिया अपना फैसला वापस, जल्द ही संशोधित पत्र जारी करने की कही बात
 
जानकारी देते बीएसए आशीष कुमार सिंह

महराजगंज। 

बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह सरकारी स्कूलों में व्याप्त अनियमितताओं के खुलासों के बाद घबरा गए और आनन-फानन में बीते शनिवार को एक तुगलकी फरमान जारी कर दिया। उक्त फरमान जारी होने के बाद पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया, वहीं पत्रकारों के बढ़ते आक्रोश के बाद बीएसए ने अपना फरमान वापस ले लिया और कहा कि यह आदेश केवल अनाधिकृत पोर्टल पत्रकारों के लिए है बाकी पत्रकार हमारे लिए आईने की तरह काम करते हैं पत्रकारों को विद्यालय में जाने से कोई नहीं रोक सकता।


आपको बता दें कि बीते शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने फरमान में पत्रकारों द्वारा विद्यालयों को बदनाम करने की शिकायत का हवाला देते हुए एक पत्र जारी कर निर्देशित कर दिया था कि पत्रकार को विद्यालयों में जाने व खबर बनाने से पहले जिला सूचना अधिकारी द्वारा निर्गत पहचान पत्र का होना आवश्यक है, इसके बाद ही वह रिपोर्टिंग कर सकते हैं। इसके साथ ही आदेश में स्पष्ट तौर पर उल्लेखित किया गया था कि किसी भी विभागीय अभिलेख व दस्तावेज की तस्वीर भी ना खींचने दी जाये। इस आदेश के जारी होते ही पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।

जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने रविवार को बीएसए के आदेश का जमकर विरोध किया और बैठक में उन्होंने कहा कि बीएसए के इस तुगलकी फरमान से पत्रकार डरने वाले नहीं है, उन्होंने कहा कि बीएसए के इस आदेश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

पत्रकारों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने अपना तुगलकी फरमान वापस ले लिया और कहा कि पत्रकारों को विद्यालयों में जाने से कोई नहीं रोक सकता, उन्होंने कहा की यह आदेश सिर्फ अनाधिकृत पोर्टल पत्रकारों के लिए है। साथ ही हमारे पत्रकार बंधु हमारे लिए आईने की तरह काम करते हैं वह विद्यालयों में जाकर हमारे कमियों को बताएंगे जिसको सुधार किया जाएगा।

बीएसए आशीष कुमार सिंह ने कहा कि बीएसए आफिस से संशोधित पत्र जारी कर दिया गया है जल्द ही उसकी उपलब्धता करवा दी जाएगी।

   

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