जटहां बाजार पुलिस ने युवती की किडनैपिंग कांड उलट पलट कर रख दिया..?

अमानवीय चेहरा संवेदनहीनता की पराकाष्ठा लिए अपराधियों के साथ खड़ी हैं जटहां की पुलिस 

 
फाईल फोटो अपहृत युवती
पीड़ित के साथ पुलिस ने किया घोर अन्याय अपहरण कांड को बना दिया प्रेम प्रसंग कांड ​​​​​​
स्वतंत्र प्रभात
कुशीनगर, उत्तर प्रदेश।
 जिले के जटहां बाजार थाने की पुलिस तो पैसे के लिए बेटियों की सम्मान और इज्ज़त ताक पर रख दिया हैं जी हां बिल्कुल सही..?थाना क्षेत्र के पड़री पीपरपाती में बीते 28 अगस्त को 10 बजे दिन में एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने मिलकर संजू देवी की 17 वर्षीय बेटी पूजा को सरेआम टांग ले गए। अब तीन ने मिलकर किस हाल में ले गए इज्जत बेटी की आबरू के प्रति आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं। लेकिन जटहां बाजार पुलिस को बेटी पर न रहम हैं न किसी बात का शर्म..? लिख दिया तीन साल की सजा मुकदमा 363,366 जिसमे गिरफ्तारी भी असंभव हैं।
अब जाने जटहां पुलिस अपहरण कांड से 12 घंटे क्या कर रही थी इसमें भी गहरा राज हैं कि 10 बजे रात में पीड़ित माता पिता के घर पहुंची और अपने गाड़ी में बैठाकर खिरकिया के तरफ ले गई इस दौरान क्या गुजारा पीड़िता पर वही अपनी जुबानी बताएंगे जब खिरकिया के तरफ से लौटी तो अपहृत युवती के पिता को डांट डपट कर घर उतार दिया और पीड़िता को थाने ले गई। पीड़िता संजू देवी ने बताई थानाध्यक्ष ने तहरीर लिखा इसके बाद किसी बच्चे से लिखवा कर हमसे अंगूठा लगवा लिया। पीड़िता ने अपने बेटी की उम्र 17 वर्ष बताई और पुलिस ने 19 वर्ष लिख दिया। कांड का पहला घोटाला दूसरा कि अपहरण कांड न लिख कर प्रेम प्रसंग में भागने का मतलब 363,366 का धारा लिख कर बेशर्मी का हद पार कर दिया।
अब राज की बात पुलिस ने पहले दिन घटना स्थल पर युवती की टूटी छूटी चप्पल को क्यों नहीं बरामद किया घटना के दूसरे दिन थाने से कोई साहब पीड़िता के पास पहुंचे और युवती पर मनगढ़ंत कहानी बनाते हुए युवती पर ही बेशर्मी पूर्वक चरित्र हनन का आरोप मढ़ते धमकाते हुए युवती का आधार कार्ड राशन कार्ड और फोटो की मांग किया,लेकिन संयोग सही था सिर्फ फोटो ही हाथ लग पाई। तीसरे दिन से चौथे दिन वही साहब पीड़ित परिजन के घर बार बार गए और कहे चप्पल उठा लाओ कभी गए तो अपने मोबाइल से अपराधियों की जाल में फसी युवती की आडियो रिकॉर्डिंग सुनाए। अब तो बड़ी सवाल आखिर साहब के पास अपराधियों द्वारा बंधक बनाई गई अपहृत युवती की रिकॉर्डिंग कैसे मिली ? पुलिसिया मिलीभगत से अपराधियों द्वारा ऑडियो वायरल कराया जा रहा है, अब इससे बड़ा साक्ष्य साबुत और आला अधिकारी को किस तरह का साबुत चाहिए ? 
अब तो इससे बड़ा शर्म क्या हो सकती पुलिस रूपए पैसे के पीछे बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को ताक पर रख दिया है और बाजार में बिकने वाली सामान की तरह अमानवीय चेहरा लिए रुपए पैसे के लालच में संवेदनहीनता के साथ किडनैपिंग कांड को प्रेम प्रसंग की कहानी रच दिया। पीड़िता की मांग हैं मतलब पुलिस जो चाहेगी वही होगा। इस घटना में लिप्त गिरोह की गहराइयों से जांच हो और जो भी दोषी हो उसके ऊपर आला अधिकारी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करे और किडनैपिंग का मामला दर्ज करे। मांग भी जायज उठाई हैं  तभी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सुरक्षित रह पाएगी। वर्ना आम से खास का कानून व्यवस्था से विश्वास टूट जायेगा तब सबका भगवान ही रक्षा करेगे।
   

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