पल्स व सहारा से निवेशकों का पैसा लौटाए सरकार-राजकुमार सिंह

khadda News 
 
ज्ञापन
कांग्रेस पार्टी ने धरना प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन 

शिव शंभू सिंह

खड्डा, कुशीनगर। उत्तर प्रदेश में सहारा और पल्स कंपनियों ने कोरोड़ो लोगों का पैसा आरडी और एफडी तथा अन्य योजनाओं में भारी मुनाफा का लालच देकर जमा कराया जिससे गरीब और सामान्य वर्ग के लोगों ने अपने बेहतर भविष्य और बेटियों की शादी आज के लिए अपनी गाढ़ी कमाई सहारा में जमा कर दिया जो निश्चित मियाद पूरी होने के बाद भी सालों से उनको भुगतान नहीं मिल पा रहा है और वे चार-पांच साल से लगातार इन कंपनियों का चक्कर लगा रहे हैं। उक्त बातें कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिह ने पूर्व निर्धारित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कही।

उसी क्रम मे वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनंजय सिंह व अजय जायसवाल के नेतृत्व में सैकड़ों जमा कर्ताओ के साथ सहारा इंडिया की ब्रांच खड्डा पर धरना प्रदर्शन  कर मांग पत्र उप जिलाधिकारी खड्डा को सौप दिया। जमा कर्ताओं को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता धनंजय सिंह ने देश व प्रदेश की सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए सहारा इंडिया में करोड़ों रुपया इस क्षेत्र के गरीबों का पैसा है लेकिन सहारा इंडिया परिवार न तो उनको भुगतान कर रहा है और ना ही 12लाख कर्मचारियों का पैसा जो फंसा हुआ है वह वापस ही कर रहा है इतना नहीं सरकार के पास ऐसा कोई डेटा तक नहीं है जिससे यह पता चल सके कि प्रदेश के कितने लोगों का पैसा इन कंपनियों में फंसा हुआ है  सहारा के दो कंपनियों यस आई आर ई सी एल और एस एच आई सी एल के जरिए 2.25 कोरोड निवेसको का 24 हजार करोड़ जुटाए गए इन पैसों का कहां इस्तेमाल किया गया। इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है जब सेबी ने जांच शुरू की तो पता चला कि कई निवेशक फर्जी थे बाकी कंपनी का दूर-दूर तक पता नहीं था सहारा इंडिया रियल एस्टेट कारपोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड गरीब और सामान स्तर के लोगों ने बेहतर भविष्य और बेटियों की शादी आज के लिए अपनी मोटी कमाई जमा किया जो मियाद पूरी होने के बाद भी सालों से उनका पैसा वापस नहीं मिल पा रहा है। फिक्स डिपाजिट सामान्य खातों में जमा कराए गए पैसों के लिए लोग चार-पांच सालों से सहारा का चक्कर लगा रहे हैं फिर भी उनका पैसा नहीं मिल रहा है सहारा इंडिया के लगभग 12 लाख कर्मचारी भी सहारा के इस प्रकार के व्यवहार से प्रभावित हैं पिछली सरकारों ने ऐसे लोगों की कोई सुध नहीं ली। 

इसी क्रम में पल्स ग्रुप कंपनी रियल इस्टेट की कंपनी मैं प्लाटिंग हाउसिंग स्कीम के पास पैसा जमा कराया सेबी द्वारा 22 अगस्त 2014 को बंद कर दिया गया सेबी ने आरोप लगाया कि आर डी एफ बी के नाम से लोगों से अवैध पैसा ले रहे हैं 2 फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा कमेटी और सेवी को छह माह में पैसा भुगतान करने का आदेश दिया था जबकि 6 बरस बीत जाने के बाद भी आज तक सिर्फ 2% लोगों का ही भुगतान हो सका है पल्स कंपनी के ऑफिसों में 50% से अधिक पॉलिसी जमा है सेवी उन पॉलिसियों का भुगतान करने से मना कर रही है। पालीसी  खरीदने के उपरांत ऑफिस द्वारा लोगों को पावती रसीद दी गई है ऐसी पावती रसीद वाले ज्यादातर लोग छोटे तबके के हैं सेवी इस पॉलिसी की पावती रसीद को स्वीकार नहीं कर रही है कांग्रेश पार्टी मांग करती है कि सहारा एवं पल्स कंपनियों में निवेश करने  वाले प्रदेश के गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को सूचीबद्ध कर तत्काल उनका पैसा वापस दिलाया जाए।

 इस मौके पर रतन मद्धेशिया अशोक सिंह विजेंद्र, वाजिद अली अमित राव धनंजय सिंह पहलवान आफताब आलम सहित सैकड़ों की संख्या में जमा कर्ता मौजूद रहे।

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