सिटी इंटर कॉलेज के संस्कृत प्रवक्ता अभय कोरी के साथ हुआ अमानवीय व्यवहार दी गई

दलित विरोधी जाति सूचक गालियां हुई पिटाई प्रशासन मौन 

 
सिटी इंटर कॉलेज के संस्कृत प्रवक्ता अभय कोरी के साथ हुआ अमानवीय व्यवहार दी गई 

स्वतंत्र प्रभात 

बाराबंकी उत्तर प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनने पर सभी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे थे लेकिन नतीजा यह हुआ कि दलितों के प्रति उत्तर प्रदेश *सिटी इंटर कॉलेज के संस्कृत प्रवक्ता अभय कोरी के साथ हुआ अमानवीय व्यवहार दी गई दलित विरोधी जाति सूचक गालियां हुई पिटाई प्रशासन मौन*के अलग-अलग जनफदों में अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है कहीं पर अपहरण तो कहीं पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी जाती है यही नहीं यह तो आम जनमानस की बात है यहां तक कि सामंतवाडी किस्म के लोगों ने तो एक संस्कृति के प्रवक्ता को भी नहीं बक्शे जो समाज को ज्ञान देने का कार्य करता है पूरा मामला बाराबंकी जनपद के सिटी इंटर कॉलेज का है जहां पर संस्कृत प्रवक्ता के रूप में अभय कोरी विद्यार्थियों को ज्ञान देने का कार्य करके है लेकिन वहां पर कुछ सामंतवादी किस्य के लोगों के मन में इस संस्कृत आचार्य के प्रति जाति घृड़ा जागरुक हो रही थी इसी क्रम में सामंतवादियों ने अभय कोरी को विद्यालय के उपस्थित रजिस्टर में सिग्नेचर करने पर प्रतिबंध लगा दिया उसके बाद भी

अभय कोरी विद्यार्थियों के प्रति अपने लगाओ को नहीं रोक सके और बच्चों को दिन प्रतिदिन शिक्षा देने का कार्य कर रहे थे उसके बावजूद भी सामंतवादी लोगों की गुस्सा शांत नहीं हुई तो उन्होंने अभय कोरी के सर पर रखी हुई शिखा को कटवा दिया इस संबंध में अभय कोरी ने लिखित शिकायत देकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है वही अभय कोरी ने अपने आंखों से छलकते हुए आसुओं के साथ बताया कि मुझे इस कॉलेज में बड़ी घड़ा की नजर से देखा जा रहा है और हमारा वेतन भी रुकवा दिया गया हैतो वहीं अभय कोरी ने बताया है कि हमारे साथ हो रहे अत्याचार में सबसे ज्यादा संलिप्त प्रिंसिपल भी है क्योंकि प्रिंसिपल के ज्वाइन हुए 2021 में और हमारे साथ अत्याचार  पिछले 4 वर्षों से हो रहा था तो आखिरकार यह पूरा मामला प्रिंसिपल को कैसे पता यह सोचने वाली बात होगी तो कहीं ना कहीं तो प्रिंसिपल का का बहुत बड़ा हाथ है हम को फसाने के लिए जबकि प्रिंसिपल भी ऐसी कास्ट से आते हैं फिर भी वह हमारा साथ नहीं दे रहे सामंतवादी का साथ दे रहे हैं क्या कुछ कहा भी अभय कोरी  ने अपने छलकते हुए आंसुओं के साथ अपना दुख दर्द बयान किया

   

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