कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के नवीनीकरण सुधार कार्य करायें जाने के संबंध में बैठक ​​​​​​​

जहां कायाकल्प का काम हो रहा है, जहां गौशाला संचालित है या जहां खेल का मैदान तैयार किया जा रहा है  कहीं पर भी मनरेगा के मैटेरियल का दुरुपयोग न किया जाए 

 
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के नवीनीकरण सुधार कार्य करायें जाने के संबंध में बैठक 

स्वतंत्र प्रभात

 उन्नाव कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में जिले के समस्त खण्ड विकास अधिकारियों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के नवीनीकरण सुधार कार्य करायें जाने के संबंध में जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक की गयी। बैठक में विद्यालय वार प्रस्तुत कार्य योजनाओं पर चर्चा करते हुए डीएम ने कहा कि विद्यालयों में कायाकल्प से उत्पन्न निष्प्रयोज्य सामग्री की समिति के द्वारा नीलामी करायी जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूर्ण होने पर ही नवीन प्रस्तावों की अनुमति दी जाएगी। समस्त कस्तूरबा बालिका विद्यालय में जो भी कायाकल्प से संबंधित कार्य कराएं जाए उन सब में एकरूपता दिखनी चाहिए। विद्यालयों के कायाकल्प के लिए जो भी बजट आंवटित किया गया है। उसका सदुपयोग किया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी। इस मौके पर खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा कार्य योजनाओं सम्बन्धी ड्राइंग प्रस्तुत न करने पर डीएम ने नराजगी जतायी और कहा कि शुक्रवार तक प्रस्तुत न कर पाने पर सम्बन्धित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने परियोजना निदेशक के कार्य पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि खण्ड विकास अधिकारियों के कार्य की बेहतर माॅनीटरिंग करें। लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों /कर्मचारियों पर तुरन्त विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित करें। इस दौरान डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से विकास खण्ड वार 20 प्राथमिक विद्यालयों को आदर्श स्कूल के रूप में विकसित करने के संबंध में प्रगति रिपोर्ट मांगी और कहा कि इन स्कूलों को कायाकल्प योजना के तहत निर्धारित सभी 19 पैरामीटरों से संतृप्त कराया जाए। यह भी कहा कि ‘‘ उन्नति की अर्चना’’ अभियान के तहत उक्त विद्यालयों के कायाकल्प की सतत् निगरानी सुनिश्चित करायी जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के कायाकल्प संबंधी समस्त कार्य प्रधानों के साथ बेहतर समन्वय के साथ सम्पादित कराये जाए। डीएम ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मनरेगा का मैटेरियल सिर्फ वहीं दिया जाए, जहां कायाकल्प का काम हो रहा है, जहां गौशाला संचालित है या जहां खेल का मैदान तैयार किया जा रहा है। कहीं पर भी मनरेगा के मैटेरियल का दुरुपयोग न किया जाए।

   

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