पूर्वांचल एक्सप्रेस वे निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कें नहीं बनने से क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी

क्षेत्रवासियों का मिजाज अब जीपीएल के प्रति दिनों दिन नाराजगी भरा होता जा रहा है जो कभीभी बड़ा रूप ले सकता है 
 
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कें नहीं बनने से क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी

स्वतंत्र प्रभात 

त्रिवेदीगंज-बाराबंकी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त क्षेत्र की दर्जनों सड़कों का कोई पुरसाहाल नहीं है।क्षेत्रवासियों को आवागमन में न केवल परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है बल्कि जीर्ण हुई सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएँ होने से राहगीर चोटिल भी हो रहे हैं।लोनीकटरा थाने के लिए पुलिसकर्मियों व क्षेत्रवासियों को मार्ग खराब होने का खामियाजा भारी पड़ रहा है,समय पर सुरक्षा व सूचना नहीं हो पाने से व्यवस्था प्रभावित होती है।=पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान कार्यदायी कम्पनी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड   (जीपीएल) के सैकड़ों निर्माण में जुटे वाहन व सुदूरवर्ती गाँवों से मिट्टी ढुलाई(बोर एरिया) बनाकर मिट्टी आदि के

डम्फरों की दिन रात की धमाचौकड़ी से सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयीं।जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई उनमें मंगलपुर(सरैंया)से गुरदत्तखेरा मार्ग अखैयापुर उसमानपुर तक,मौलाबाद-मंझार मार्ग, ललई खेरा-बिसेनी खेरा होकर अखैयापुर(उसमानपुर)तक,देवापुर-गंगापुर मार्ग, जरौली मदरहा मार्ग, रुकनापुर-नरेंद्रपुर मदरहा मार्ग,त्रिवेदीगंज-नवोदय विद्यालय मार्ग,नेराकबूलपुर-छंदरौली,टिलिया-जौरास मार्ग गढ्ढों में तब्दील हो गई।कुछेक स्थानों पर जीपीएल ने

स्वतंत्र प्रभात स्वतंत्र प्रभात स्वतंत्र प्रभात  अपने हाट मिक्सिंग प्लांट(हाथीका पुरवा) में लगाया तो मोधूका पुरवा-मंझूपुर मार्ग बोल्डर मिक्सिंग प्लांट (लोनीकटरा) में लगाया तो लोनीकटरा थाने जाने वाला कान्ही-तिलोकपुर मार्ग का वह हिस्सा जो एन एच 56(731) के पुराने व नए फोरलेन पर बने रेलवे ओवरब्रिज को जोड़ता है।यह सभी मार्ग जीपीएल के द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान प्रमुखता से इस्तेमाल तो किए गए पर एक्सप्रेस वे निर्माण के बाद जर्जर हुई इन सड़कों का निर्माण अभी तक नहीं किया गया है।कुछेक जगहों पर जो निर्माण किया गया है उनमें भी आधा-अधूरा कार्य कराकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गयी है।

   

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