दो बार का राशन बाकी अब तक सरकारी राशन दुकानों में पसरा सन्नाटा

परेशान मजदूर परिवार काट रहे राशन दुकानों के चक्कर

 
 
स्वतंत्र प्रभात

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उरई (जालौन)

कोविड के चलते शाशन द्वारा जनता को योजना के तहत माह में दो बार निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे काफी हद तक जनता को राहत मिली है वही गत माह मार्च व मई का राशन अब तक उपलब्ध न हो पाने से ग्रामीणों द्वारा आये दिन राशन दुकानों के चक्कर काट रहे है लेकिन अब तक निश्वित नःही हो सका कि राशन कब तक कार्ड धारकों को उपलब्ध हो सकेगा ज्ञातव्य हो कि सरकारी राशन दुकानों में दो बार का राशन कार्ड धारकों को वितरण होना है

लेकिन मई माह की 11 तारीख होने के बावजूद न तो मार्च माह का सेकेंड व मई माह के प्रथम चक्र का राशन वितरण नःही हो सका जिससे परेशान जनता द्वारा प्रसाशन से शीघ्र राशन वितरण की गुहार लगाई है विकास खण्ड कदौरा क्षेत्रीय अलग अलग गांव व नगर के राशन कार्ड धारको द्वारा मांग की गयी कि सरकार द्वारा योजना के तहत जो राशन गरीब जनता को उपलब्ध कराया जा रहा उसी से काफी हद तक गरीबो का गुजारा हो रहा है

लेकिन अबकी बार माह मार्च का राशन व मई का राशन यानी दो बार का राशन नःही मिल रहा है उक्त लोग आए दिन राशन दुकानों पर चक्कर काटते है जहां सिर्फ सन्नाटा ही नजर आता है जबकि माह अप्रैल में कोटेदारों द्वारा कहा गया था उक्त माह में तीन बार राशन मिलेगा जिसमे मार्च का बाकी भी एड हो जाएगा जो कि माह पूरा होने के बाद भी नःही बंट स्का एव मई के भी अब तक लंबित है जिससे परेशान लोगो द्वारा प्रसाशन से राशन उपलब्ध कराने की मांग की है

वही समस्या को लेकर सप्लाई इंस्पेक्टर अजीत कुमार द्वारा कहा गया कि चना दाल नमक आदि पूर्ण राशन उपलब्ध न हो पाने के कारण मार्च व मई का वितरण लंबित है जिसकी विज्ञप्ति जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा जारी कर अवगत कराया गया था पूर्ण राशन उपलब्ध होते ही वितरण करवाया जाएगा शाशन द्वारा जारी आदेश पर स्वास्थ्य एव बाल विकास द्वारा नवजात से 6 माह तक के बच्चो के लिए पानी नःही  केवल मा के स्तनपान का जागरूकता अभियान मई जून में जारी रहेगा जिसमे गर्भधात्रीयो को जागरूक किया जाएगा कि 0 से 6 माह तक के बच्चो को पानी नःही केवल मा का दूध देना आवश्यक है

प्रेसवार्ता के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अशोक चक द्वारा बताया गया शाशन के निर्देश पर 10 मई से 30 जून तक नवजात शिशुओं के लिए पानी नःही केवल स्तनपान जागरूकता अभियान चलाया जाएगा जिसमे विकास खण्ड क्षेत्र के परिवार जहा 0 से 6 माह के बच्चे  है उन्है केवल मा का दूध ही पिलाये एव ऊपर का पानी न दे।एव कहा कि परिवारों को ये जानना बेहद जरूरी है कि जन्म से लेकर 6 माह तक बच्चो को पानी देने से उनका पेट भर जाता हैं

एव बच्चे मा का दूध नःही पी पाते एव आवश्यक पोषक तत्वो की बच्चो में कमी रह जाती है।जैसा कि भीषण गर्मी के चलते कुछ लोग उक्त 6 माह तक की अवधि के बच्चो को ऊपर का पानी देती है जिससे बच्चे को काफी हद तक नुकसान है।जिससे बच्चो में दस्त कुपोषण जैसी घातक बीमारी बच्चो में हो जाती है एव कभी कभी ये जानलेवा भी साबित होती है।जिससे जन्म से 6 माह तक केवल मा का स्तनपान ही कराना चाहिए।जिससे बच्चो के लिए आवश्यक पोषक तत्वो की पूर्ति होती रहत्ती है

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