अधर मे लटकी जांच नहीं आई करौदी कला के भ्रष्टाचारियों पर कोई आंच

काली कमाई से लाखों रुपए का घोटाला करते हुए खंड विकास अधिकारी हरख की छवि को धूमिल कर्ता तकनीकी सहायक टीए जिले के जिम्मेदार अधिकारी मौन 

 
अधर मे लटकी जांच नहीं आई करौदी कला के भ्रष्टाचारियों पर कोई आंच 

स्वतंत्र प्रभात 

अमृत सरोवर के विकास को लेकर भाजपा सरकार पानी की तरह रु तो खर्च कर रही है लेकिन कुछ भ्रष्टाचारी जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी ग्राम प्रधानों के कारण अमृतसरोवरो पर विकास की एक भी झलक नहीं पहुंची और लाखों रुपए गमन कर दिए पूरा मामला बाराबंकी जनपद के विकास खण्ड हरख की ग्राम पंचायत करौदीकला का है जहां पर 15 अगस्त को विकास कार्य को पूरा करते हुए अमृतसरोवर पर झंडा रोहण होना था तो झंडा रोहण तो कर दिया गया लेकिन विकास नहीं हो सका देखा जाए तो इसी अशफाक उल्ला खान नाम के अमृत सरोवर पर मछली पालन का कार्य बड़ी तेजी से किया जा रहा है जिसमें सूत्रों द्वारा  जानकारी निकल के सामने आ रही है कि गांव में एक अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति को राजस्व विभाग द्वारा मत्स्य पालन के लिए इसी तालाब पर पट्टा भी किया गया है अमर शहीद अशफाक उल्ला खा के नाम से अमृत सरोवर का जो विकास किया जा रहा है जिस पर हुए घोटाले की खबर भी हिंदी दैनिक स्वतंत्र प्रभात अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी जिसको लेकर अभी

भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिसमें देखा जाए तो जिम्मेदार की तरफ से यही जवाब मिलता है जांच की जा रही है वही भ्रष्टाचारियों का कहना है कि जिसके माध्यम से कार्य मिला था और काम हुआ है वही इस मामले की जांच कर रहे हैं जिन्हें कोई भी दोस्त दिखाई नहीं दे रहा है ग्रामीणों का आरोप है कि यदि इस मामले की जांच किसी अन्य सक्षम अधिकारी के माध्यम से कराई जाए तो सरकारी धन के हुए दुरुपयोग पर अंकुश लग सकती है लेकिन ऐसा होगा नहीं यदि ऐसा होगा तो कई जिम्मेदार अधिकारियों की गर्दन फसना बिल्कुल तय माना जा रहा है यहां तक कि करौदी कला गांव में ही चिकसोनी नाम के तालाब पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है और ग्रामीणों द्वारा अपने घरों की पटाई की जा रही थी जिसकी फोटो खींचकर और तकनीकी सहायक टीए के माध्यम से एक लाख 19 हजार रू का भुगतान फर्जी एमबी बनाकर पास  कर दिया गया है 

जिसकी विभाग को कोई जानकारी नहीं है इस संबंध में जब जिम्मेदार अधिकारियों के नंबर पर कॉल किया जाता है तो कोई भी जवाब नहीं मिलती है और.सिर्फ यह जानकारी दी जाती है कि एक लाख 19000 का भुगतान किया गया है इन दोनो तालाब पर हुए भ्रष्टाचार में सबसे अहम भूमिका तकनीकी सहायक की मानी जा रही है लेकिन विभागीय होने के कारण तकनीकी सहायक को विभाग बचाने में लगा हुआ है जबकि सारे दोस बिल्कुल स्पष्ट और साफ दिखाई दे रहे हैं बॉक्स में* नाम न छापने की अपील करते हुए एक ग्रामीण ने बताया नवनिर्वाचित अशिक्षित महिला ग्राम प्रधान होने के कारण ग्राम पंचायत करौदी कला में  घोटाला हुआ है जिस का श्रेय टिए पर जाता है जो बिना जांच किए ही घर बैठे एमबी पास कर देते हैं और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता से घोटाले को अंजाम दिया गया है और कमीशन खोरी के कारण सही और उचित कार्रवाई नहीं हो रही है जिससे सरकारी धन को बचाया जा सक

   

FROM AROUND THE WEB