जेपी नड्डा की रैली को लेकर डिप्टी सीएम के गांव में मचा बवाल, आईये जानते है क्यों

 
जेपी नड्डा की रैली को लेकर डिप्टी सीएम के गांव में मचा बवाल, आईये जानते है क्यों

स्वतंत्र प्रभात 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 16 सितंबर को नागालैंड के उपमुख्यमंत्री वाई पैटन के गांव में एक सार्वजनिक रैली करेंगे।जबकि, नड्डा के यात्रा कार्यक्रम ने पार्टी नेताओं के बीच कुछ असंतोष पैदा करना शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी (एनडीपीपी) के बीच सीटों के बंटवारे की घोषणा के बाद जल्द में ही में पैटन द्वारा सार्वजनिक रूप से नाराजगी व्यक्त करने के बाद नागालैंड के एक गांव ओल्ड रिफिम को बैठक के लिए चुना गया है। 

भाजपा के अनुसार, ‘जेपी नड्डा राष्ट्रीय कद के नेता हैं और उन्हें एक छोटे से गांव में जनसभा को क्यों संबोधित करना चाहिए, क्योंकि ऐसा लगता है कि यह किसी विशेष नेता के लिए किया जा रहा है। एक आम धारणा यह है कि उन्हें दीमापुर या कोहिमा में अपनी सभा करनी चाहिए थी। जिस से हम सभी को लगता कि वह पूरे राज्य के नेतृत्व और देख-रेख के लिए आ रहे हैं’।
और अन्य रिपोर्ट्स की माने तो, ‘पैटन कमजोर देखे जा रहे हैं और इसलिए उन्होंने नड्डा को अपने गांव बुलाया है। क्या वह (पैटन) अगला चुनाव जीतने के लिए निश्चित हैं? पूरे राज्य के लिए दीमापुर में रैली करने की प्रारंभिक योजना के बजाय, उन्होंने राज्य इकाई को अपने ही गांव में रैली करने के लिए मजबूर कर इसे हाईजैक कर लिया है, जो एक बहुत छोटी जगह है’।
नागालैंड के उप मुख्यमंत्री पैटन ने नड्डा के एनडीपीपी के साथ सीट बंटवारे के ’40-20′ के फैसले को सिर्फ एक बयान बताया था। पैटन के बयान के प्रभाव को खत्म करने के लिए, भाजपा की स्थानीय इकाई को केंद्रीय नेतृत्व द्वारा की गई प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक बयान जारी करना पड़ा। हालांकि पैटन पर टिप्पणियों से परहेज करते हुए भाजपा ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व और समझ के लिए उनकी जम कर तारीफ की।

   

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