राजधानी में रात के अँधेरे में चल रहा प्रशासन की अंधेरनगरी का खेल...

राजधानी में रात के अँधेरे में चल रहा प्रशासन की अंधेरनगरी का खेल...

अब जल कल अधिकारियों ने भी मांगी भूमिगत केबल बिछाने की पूर्व सूचना I  

लखनऊ:-

राजधानी लखनऊ के विभिन्न इलाकों में जब आप रात की गहरी नींद में सो रहे होते हैं, तब शुरू होता है अंधेर नगरी का काला कारोबार। 


   आपको बता दें कि अँधेरे में निजी टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बिना अनुमति लिए भूमिगत केबल बिछाने का कार्य लगातार जारी है। अब चाहे वह जिओ, एयरटेल या फिर टाटा स्काई क्यों ना हो, लेकिन शिकायत पर भी नहीं पहुंचते नगर निगम आला अधिकारी, समय मिल जाता है रात में ठेकेदारों को उसका अवैध कार्य पूर्ण करने का ? आँखे मीचे बैठा है प्रशासन

    क्या ?? इसको मिलीभगत कहना अनुचित होगा ?

जगह जगह रात में भूमिगत केबल बिछाने के दौरान पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त कर भाग जाती हैं ये टेलीकॉम निजी कंपनियां और सुबह होते ही स्थानीय निवासी पानी की लाइन फटने से हजारों लीटर सड़क पर बह रहे पानी की मरम्मत के लिए दौड़  लगाने लगते हैं। 
   
    जलकल विभाग के, इस भीषड़ गर्मी में सुबह जल आपूर्ति बाधित होने का दर्द कितना असहाय होता है, आप सभी जान सकते हैं, मजबूर जलकल विभाग सर्वप्रथम पानी की आपूर्ति की बहाली में लग जाता है, तत्पश्चात ढूंढने निकलता है इन निजी टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही के लिए,

ये निजी टेलीकॉम कम्पनियाँ क्षेत्रवासियों को भूमिगत केबल डालने की अनुमति होने का झूठ बोल कर पहले ही वहां की सड़कें तो बर्बाद कर ही चुके होते हैं, सुबह होते ही पानी की बर्बादी भी पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से दिखने लगती है I 


क्षेत्रवासी पहले तो किसी तरह जल आपूर्ति बहाल करवाने में जुटते हैं उसके बाद वहां खुदी बर्बाद सड़क पर मिटटी के ढ़ेर पर पानी डाल कर गड्ढे भर कर सड़क चलने योग्य बनाते हैं ? 

कब बनेगीं यह क्षतिग्रस्त सड़कें और कौन बनाएगा इन्हें यह तो अब भगवान ही बताएंगें ?

इसी क्रम में लगातार खबरें प्रकाशित कर संयुक्त रूप से विजय गुप्ता(सामाजिक कार्यकर्ता), जनता दर्पण, आवाज प्लस एवं स्वतंत्र प्रभात मीडिया ने इस अंधेरगर्दी के खिलाफ जिम्मेदारों तक जनता की आवाज पहुंचाई भी है, उस समय पकड़े जाने पर काम बंद कर भाग जाते हैं ये ठेकेदार, लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा उचित कार्यवाही ना होने से बेधड़क बेख़ौफ़ जारी है आज भी यह भूमिगत केबल बिछाने का खेल I 

इसी क्रम में बीत दिनों  सेक्टर-19, इंदिरा नगर के मकान संख्या 19/820 एवं 19/805 के सामने भी भूमिगत केबल बिछाते समय इन निजी कंपनियों द्वारा रात में पेय जल लाइन क्षतिग्रस्त किया गया था और उसकी मरम्मत जल कल विभाग को करनी पड़ी थी I जल कल विभाग द्वारा विधिक कार्यवाही की बात पर इन निजी टेलीकॉम कंपनियों द्वारा वहां उनके द्वारा कार्य ना करने की बात भी कही थी जबकि वहां इनकी केबल मौके पर बिछी हैंI 

आइये सुनते हैं, क्या परेशानी हैं शहरवासियों की और क्या कहते हैं आयदिन क्षतिग्रस्त पानी की लाइन मरम्मत कर रहे जल कल के अवर अभियन्ता धनी राम और अधिशासी अभियन्ता एस० ए० त्रिवेदी ? 

आये दिन निजी टेलीकॉम कंपनियों द्वारा भूमिगत केबल बिछाने के दौरान पेय जल लाइन क्षतिग्रस्त होने पर जल कल अधिकारियों ने भी कहा है कि भूमिगत केबल बिछाने की पूर्व सूचना उनके विभाग को मिलनी चाहिए जिससे भविष्य में भूमिगत केबल बिछाने के दौरान पेयजल लाइनों को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके I मेरी राय में आज यह आवश्यक हो गया है, क्योंकि इससे दो बाते सुनिश्चित होंगी, एक तो पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से बचेगी और दूसरी तरफ बिना अनुमति के केबल बिछाने पर भी पकड़ मजबूत होगी I

जलकल विभाग अधिकारियों को भी नहीं सूचित किया जाता है, इन रात में चल रही भूमिगत खुदाइयों के बारे में ? नगर निगम ने आज तक बिना अनुमति लिए कितने मामलों में लगाई है सड़क बर्बाद करने पर पेनाल्टी ?

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