राजधानी लखनऊ में पुलिस प्रशासन का पत्रकारों पे कहर

 
राजधानी लखनऊ में पुलिस प्रशासन का पत्रकारों पे कहर


राजधानी लखनऊ


 उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर निकल कर सामने आई है केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट राहत अली जी ने पहले की तरह आज भी एक पीड़ित पत्रकार की आवाज को उठाया है लखनऊ पारा थाना के अंतर्गत डॉक्टर खेड़ा चौकी इंचार्ज पटेल सिंह राठी ने ट्रांसफर लेकर कोतवाली मोहनलालगंज गए हुए हैं 

नशे की हालत में उनके द्वारा पत्रकारों के साथ गाली गलौज मारपीट जान से मारने की धमकी कवरेज के दौरान मीडिया कर्मियों से बहुत ही गलत तरीके से बात की जिसकी केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट राहत अली ने घोर निंदा की भारत के चौथे स्तंभ भारत मां की आंख भारत की कलम की ताकत भारत की रीढ़ की हड्डी कही जाने वाली मीडिया कर्मियों के साथ कुछ पुलिस कर्मियों के द्वारा आए दिन पत्रकारों के साथ मारपीट गाली-गलौज की जाती है 

जान से मारने की धमकी दी जाती है और झूठे मुकदमे में फंसा कर निर्दोष पत्रकारों को जेल भेजा जाता है इसलिए केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन संगठन के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश राज्यपाल, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री , उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक, लखनऊ पुलिस कमिश्नर , लखनऊ डीएम से पुनः प्रार्थना करता है की शासन प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की छवि को खराब करने वाले भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड कर उन पर उचित कार्रवाई की जाए केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट राहत अली आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं की आज पत्रकारों के साथ बहुत ही दुर्व्यवहार हो रहा हैं। 

आए दिन पत्रकारों को कभी गुंडों द्वारा कभी पुलिस द्वारा तो कभी जान बुझकर पत्रकारों पर झूठा मुकदमा दायर किया जाता है। जैसा कि आप जानते हैं पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता हैं। जिसमें पत्रकार अपनी जान की परवाह ना करते हुए बिना किसी लालच के पब्लिक को न्याय दिलाने के लिए तपती दोपहरी में भी पत्रकार कवरेज करता है और उसी दौरान कई बार उसके साथ बहुत ही अभद्र व्यवहार किया जाता हैं। कभी पुलिस प्रशासन द्वारा कभी निजी गुंडों के द्वारा तो कभी बिना वजह के उन पर झूठे मुकदमे लाद दिए जाते हैं कभी कभी तो पत्रकार को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है जैसा की कई पत्रकारों के साथ हो चुका हैं। आज पत्रकारों की बहुत ही दयनीय स्थिति हैं 

पत्रकारों के पास पत्रकारिता के अलावा अपने घर चलाने के लिए कोई और साधन नहीं हैं। इसलिए केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन संगठन के माध्यम से सरकार और शासन प्रशासन से प्रार्थना करता है की पत्रकारों के साथ अगर कोई घटना घटती है तो उन के लिए अलग से कोटा रिजर्व किया जाए ताकि उन के परिवार के आर्थिक रूप से मदद की जाए केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट राहत अली जी उम्मीद करते हैं कि आप पत्रकारों की दयनीय स्थिति के बारे में जरूर ध्यान देंगें केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन संगठन के माध्यम से आगे भी पत्रकार और मीडिया कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए सदैव कार्य करता रहेगा।।

   

FROM AROUND THE WEB