निरीक्षण के दौरान टीवी विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने

राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन NHRO ने मेडिकल कॉलेज उरई का किया औचक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मरीजों ने नए प्रधानाचार्य के कार्यकाल को बताया बेहतर
लेजर ऑपरेशन और कीमो के अलावा कई सुविधाएं प्रधानाचार्य द्वारा पहली बार की गई शुरू
अरविन्द कुमार जिला संवाददाता जालौन
उरई (जालौन)
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्यरत है और लोगों की सुविधाओं के लिए नई नई योजनाएं निकाल रही है जिसके तहत गरीब लोगों को फ्री में इलाज भी मुहैया करवाया जा रहा है जिसके चलते पिछले कुछ वर्षों से मेडिकल कालेज उरई खासी चर्चाओं में रहा है
क्योंकि यहां के मेडिकल की शिकायतों का पुलिंदा मुख्यमंत्री से लेकर विभाग के हर उच्चाधिकारी तक पहुंचा और जिसके बाद कई जांचों में मेडिकल कॉलेज में खामियां पाई गई जिसके बाद कार्यवाही भी हुई । वही देखा जाए तो लगातार शिकायतों के चलते सरकार ने मेडिकल कॉलेज में बड़ा फेरबदल करते हुए नए प्रधानाचार्य डॉ आर के मौर्य को मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किया।
नए प्रधानाचार्य की नियुक्ति के बाद मेडिकल कॉलेज के ऐसे परिणाम सामने आए जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी क्योंकि जिस मेडिकल कॉलेज से लोग बिना इलाज के वापस चले जाते थे आज वही लोग प्राइवेट अस्पतालों को छोड़कर इसी मेडिकल कॉलेज में इलाज ले रहे हैं और उनको सारी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं वहीं नए प्रिंसिपल के आने के बाद मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी को एम्स की तर्ज में परिवर्तित किया गया वही प्रधानाचार्य जितनी भी व्यवस्थाएं मुहैया करवा सकते थे
उन्होंने सारे संभव प्रयास कर उनको मरीजों तक पहुंचाया जिसके बाद मरीजों द्वारा मेडिकल कॉलेज की तारीफ सुनने में आने लगी इन्हीं तारीफों की पड़ताल के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन आगे आया और आज राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन NHRO की टीम ने मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया जहां सारे विभागों में जाकर टीम ने पाया कि जो सुविधाएं यहां पहले से नहीं थी
वह आज यहां सुचारू रूप से चालू हो चुकी है जैसे लेजर ऑपरेशन जो पथरी का ऑपरेशन होता है पहले इस मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं था कीमोथेरेपी यह भी इस मेडिकल कॉलेज में आज तक नहीं की गई लेकिन नए प्रधानाचार्य के प्रयासों के बाद ऐसे कई इलाज चालू हो चुके हैं जो कि पहले भी सुचारु रुप से चालू किए जा सकते थे लेकिन राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन NHRO की टीम ने बताया कि हम लोग पहले भी इस मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर चुके हैं
जहां हम लोगों को कई खामियां मिली और कई शिकायतें हुई आज हम लोगों द्वारा जो निरीक्षण किया गया इसमें यहां का जो मरीज है वह 95% संतुष्ट है सारी सेवाएं उसको समय पर मिल रही है पहले से 60% सेवाएं बढ़ाई जा चुकी हैं जो इलाज यहां लोगों को पहले नहीं मिल पा रहा था वह इलाज आज यहां मिलने लगा है और इसका श्रेय वर्तमान प्रधानाचार्य को जाता है
क्योंकि यह सारे इलाज और सुविधाएं उनके ही प्रयास से जनपद के लोगों को मिल पा रही हैं बल्कि यहां जनपद नहीं दूसरे जनपद के लोग भी मौजूद हैं और वह भी इन सेवाओं का लाभ ले रहे हैं वही निरीक्षण करने वाली टीम ने बताया कि यहां एक विभाग ऐसा भी है जहां बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई जो कि टीवी विभाग है हम इसको बड़ी लापरवाही इसलिए कहेंगे क्योंकि भारत सरकार द्वारा भारत को टीवी मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है लेकिन निरीक्षण टीम की माने तो यह अभियान यहां फेल होता हुआ नजर आ रहा है
क्योंकि जब उस कक्ष का निरीक्षण किया गया जहां पर टीवी मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं सैंपल लेने के बाद सैंपल की जो डिब्बी होती है उसमें टीवी के कीटाणु होते हैं इसलिए सैंपल की सिलाई डे बनाने के तुरंत बाद उस डिब्बे से कीटाणुओं को डिस्पोज किया जाता है जिससे यह कीटाणु दूसरी जगह न फैल सके लेकिन यहां एक लापरवाही सामने आई है की सैम्पल की डिब्बी को डस्टबिन में डाल कर इकट्ठा किया जा रहा है
जिनसे उस बीमारी के फैलने का खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि नियम अनुसार उस डस्टबिन में एक केमिकल होना चाहिए जिस केमिकल में डालने से वह कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और यहां पाया गया कि वह केमिकल डस्टबिन में नहीं था जब इसकी बारे में वहाँ मौजूद लैब टेक्नीशियन दिलीप जो कि वहां कार्य देख रहे थे उनसे पूछा गया कि केमिकल क्यों नहीं पड़ा तो वह बोले रखा है उनसे जब केमिकल दिखाने को कहा तो बाद में बात को घुमाते हुए उन्होंने कह दिया कि केमिकल खत्म हो चुका है
जब टीम ने उनसे पूछा कि केमिकल खत्म होने के बाद क्या आपने केमिकल को दोबारा मंगाने का प्रयास किया तो उन्होंने कोई भी ऐसी पुष्टि नहीं कर पाई जिसमें यह साबित हो रहा हो कि उन्होंने उस केमिकल को मंगाने का प्रयास किया जिससे यह साफ जाहिर होता है कि यह लापरवाही दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि भारत सरकार सर्वप्रथम जिस बीमारी को खत्म करने के लिए हजारों प्रयास कर रही है यहां तक कि मरीजों को इलाज के लिए प्रेरित कर रही है और लगातार इलाज लेने के लिए मरीजों के खाते में पैसा भी भेज रही है कि मरीज पूरा इलाज ले लेकिन इन कीटाणुओं को यहां पाला जा रहा हैं
जिस तरह डस्टबिन में खुलेआम कीटाणुओं को पाला जा रहा है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। क्योंकि सेम्पल डिब्बी कई दिनों से उसी डस्टबिन में पड़ी है जिसमे कोई केमिकल नही पड़ा । जब टीम ने इसकी शिकायत प्रधानाचार्य डॉ आर के मौर्य से की तब इस बात की पुष्टि हुई कि यह विभाग सीएमओ के अंडर में आता है मेडिकल कॉलेज द्वारा सिर्फ उनको जगह दी गई है तब इस पर प्रधानाचार्य ने प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था
आप लोगों द्वारा यह मामला मेरे संज्ञान में आया है तो इस पर मैं सीएमओ को पत्र लिखकर इस लापरवाही को खत्म करवा दूंगा और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना को सुचारू रूप से आगे बढ़ाऊँगा । निरीक्षण करने वाली टीम में अध्यक्ष अरूण तिवारी, जिलाध्यक्ष शिवप्रताप परिहार, सदस्य अखिलेश सोनी , प्रदीप वर्मा , दुष्यंत दीक्षित, शाहनवाज खान शामिल रहे ।
About The Author
Related Posts
Post Comment
आपका शहर

अंतर्राष्ट्रीय

Online Channel

खबरें
शिक्षा
राज्य

Comment List