मरौली खण्ड पांचः अवैध खनन ने तोड़े सोरे रिकार्ड
किसानों की फसलों के तबाह करने के बाद भी बेधड़क जारी है अवैध खनन

एनजीटी के निर्देशों को धता बताकर नदी की जलधारा में अवैध खनन जारी
बांदा। मटौंध थाना क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित मरौली खण्ड पांच के खनन कर्ताओं ने अवैध खनन के सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं। दो बार जांच में अवैध खनन मिलने पर जुर्माने से दण्डित होने के बाद भी खनन कारोबारी के गुर्गे सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जीवनदायिनी केन नदी के अस्तित्व पर खतरे को बादल मण्डराने लगे हैं। उधर किसानों की फसलों को बर्बाद करने के बाद भी अवैध खनन के कोई कमी नहीं आयी है। उल्टा किसान पूरी तरह से परेशान हो चुके हैं।
अक्टूबर माह के शुरू हुई मरौली खण्ड पांच की खदान शुरू से ही विवादों के घेरें में है। खदान शुरू होने के चंद होने के बाद भी डीएम के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने जांच में अवैध खनन मिलने पर 54 लाख का जुर्माना लगाया कर शायद ये संदेश देना चाहा था कि अवैध खनन करने वालों को नहीं बख्शा जायेगा। लेकिन जुर्माना के बाद अवैध खनन के रफ्तार दो गुना और तेज हो गयी। जिसकी वजह से कभी समाचार पत्रों तो कभी टीवी चैनलों तो कभी सोशल मीडिया में अवैध खनन सुर्खिया बनने के बाद प्रशासन ने नवंबर माह समाप्त होते-होते फिर से जांच कर अवैध खनन मिलने पर लाखों का जुर्माना लगाया।
लेकिन दो बार जुर्माना लगने के बाद भी अवैध खनन की रफ्तार में कोई कमी नहीं आयी। उल्टा खदान सूत्रों के अनुसार पूरी शिद्दत के साथ अवैध खनन के कार्य को अंजाम दिया जाने लगा। वहीं कार्यवाही के भय से चटगन के किसानों की बर्बाद हुई फसलों को मुआवजा न मिलने से किसान भी परेशान हो रहे हैं। किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर चुके हैं। लेकिन उनको केवल आश्वासन ही मिला है। अब देखना यह है कि संयुक्त टीम फिर कब कार्यवाही करती हैं।
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