विधालय मे पढाने नही आती अधयापिका आखिर कौन दे रहा संरक्षण। ​​​​​​​

योगी सरकार के मंसूबो पर पानी फेरने का कार्य कर रही अध्यापिका। 

 

 स्वतंत्र प्रभात 

सिद्धौर बाराबंकी 

   सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है तो वही प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक व शिक्षामित्र योगी सरकार की मंसूबों पर पानी फेरने से बाज नहीं आ रहे। आपको बताते चलें ताजा मामला बाराबंकी जनपद के अंतर्गत सिद्धौर ब्लाक की ग्राम पंचायत पूरे त्रिलोकी (पूरे चंद्रमन) का है जहां पर प्राथमिक विद्यालय पूरे त्रिलोकी की शिक्षा व्यवस्था तीन अध्यापक के भरोसे है इस विद्यालय में चार अध्यापकों की नियुक्ति है। जिसमें अंजनी कुमार गुप्ता सहायक अध्यापक, पूजा जयसवाल सहायक अध्यापक, मोनिका यादव सहायक अध्यापक, रंजना देवी शिक्षामित्र की नियुक्ति है। यहां पर ग्रामीणों का आरोप है की मोनिका यादव जो सहायक अध्यापक हैं यह कभी कभी विद्यालय आती हैं और अटेंडेंस भरकर वापस चली जाती हैं प्रतिदिन विद्यालय नहीं आती ।बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है ग्रामीणों का यह भी आरोप है की अपनी फोर व्हीलर से आती हैं और अटेंडेंस भर कर चली जाती हैं कभी विद्यालय में बैठकर बच्चों को पढ़ाती नहीं है ।

जब हमारे संवाददाता द्वारा विद्यालय पहुंचकर देखा गया तो वास्तविक मोनिका यादव ड्यूटी पर नहीं मिली बाकी और तीनों अध्यापक ड्यूटी पर मौजूद बच्चों को पढ़ाते हुए मिले। इसी बात को लेकर जब विद्यालय के छात्राओं से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मोनिका मेंम कभी-कभी आती हैं और तुरंत चली जाती हैं यहां रुक कर बच्चों को पढ़ाती नहीं है इस संबंध में ग्राम प्रधान राजेंद्र से बात की गई तो उन्होंने बताया की मुझे जानकारी मिली है की महीने में दो या तीन बार आती है और अटेंडेंस भर कर चली जाती हैं।

इस सम्बन्ध मे  जब ग्राम प्रधान से जानकारी ली गई तो उन्होने यह कहा कि मैने तो  अभी अध्यापिका का कभी चेहरा तक नही देखा कब आती है कब चली जाती है  उन्हे  मै पहचानता तक नहीं हूं क्योंकि मैंने उनको विद्यालय में कभी पढ़ाते हुए देखा ही नहीं। इसी बात को लेकर जब ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने भी यही बताया है मैंने उन्हें यहां कभी बच्चों को पढ़ाते हुए नहीं देखा। सवाल यह उठता है कि आखिर जिसे ग्राम प्रधान ही नही जानता हो तो आखिर स्कूल की अध्यापिका को किस बर्दहस्त मिला है जो विधालय नही आती ऐसे मे शिक्षा विभाग के सिस्टम पर सवाल खडा हो रहा है।  आखिर उक्त विद्यालय की सहायक अध्यापिका मोनिका यादव को कही 

खण्ड शिक्षा अधिकारी  कैसरगंज का संरक्षण तो नही जो स्कूल की ओर रुख नही करती। 

इस सम्बन्ध मे खण्ड  शिक्षा अधिकारी कैसरगंज से बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नही हो सकी।क्या बोले ग्राम पंचायत के लोग पूरे चन्द्र मन विद्यालय की गैर हाजिर शिक्षिका के सम्बन्ध मे मनोज कुमार बाजपेई,  देवी सरन, राधेश्याम तिवारी सहित कई लोगो ने पत्रकारो को जानकारी दी की उक्त विद्यालय मे शिक्षिका मोनिका यादव सहायक अध्यापिका  का विद्यालय कभी कभार ही आना रहता है वह भी हाजिरी भरने के लिए।

   

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