विजिलेंस टीम के पास न अपना भवन न आवास

 
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स्वतंत्र प्रभात
रिपोर्टर: प्रमोद कुमार वर्मा

अंबेडकरनगर।बिजली चोरी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विजिलेंस टीम का थाना किराए के भवन में चल रहा है। साथ ही सरकारी आवास न होने के कारण विजिलेंस टीम में काम करने वाले कर्मचारी भी किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।

विजिलेंस टीम में 6 कर्मचारी हैं कार्यरत

बिजली चोरी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने 2019 में हर जिले में विजिलेंस की टीम बनाई थी। पहले यह टीम मंडल स्तर पर काम करती थी। बाद में जिले में विजिलेंस टीम बनाई गई थी। इसमें एक प्रभारी, एक जेई और चार हेड कांस्टेबल शामिल हैं। टीम जिले में अवैध रूप से चले रहे बिजली चोरी को रोकने का काम करते हैं।

बिजली चोरी रोकने में विजिलेंस निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका

जिले में विजिलेंस की 6 सदस्यीय टीम है, जो विद्युत चोरी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये टीम पूरे जिले में जहां भी बिजली चोरी की सूचना होती है, वहां पहुंचकर चोरी को रोकने का काम करती है। विजिलेंस टीम प्रभारी बृजेश्वर यादव ने बताया कि कभी-कभी उपभोक्ता बिना कनेक्शन के बिजली जलाते हैं, तो कभी मीटर से छेड़छाड़ करके।
इसके अलावा मीटर से पहले केबल काटकर बाईपास कर बिजली चोरी करते है। उन्होंने बताया कि चोरी पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उपभोक्ता से जुर्माना भी वसूला जाता है।

चार महीने में 284 लोगों पर की गई कार्रवाई

विजिलेंस टीम प्रभारी बृजेश्वर यादव ने बताया कि बिजली चोरी को रोकने के लिए विजिलेंस टीम ने पिछले चार महीने में छापा डाला। विभिन्न तरीके से बिजली की चोरी कर विद्युत विभाग को नुकसान पहुंचा रहे 284 लोगों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि अप्रैल में 80, मई में 66, जून में 77, जुलाई में 61 लोगो को विद्युत चोरी करते पकड़ा गया।

   

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