योगी सरकार में मनचलों के हौसले बुलंद, नहीं हो रही कोई कार्यवाही

 
योगी सरकार में मनचलों के हौसले बुलंद, नहीं हो रही कोई कार्यवाही

बिसवां सीतापुर 

योगी-2 सरकार में शुरू से ही अपराध नियंत्रण के लिये विभिन्न तरीकों से प्रयास जारी हैं।योगी जी का कहना है कि सबसे पहले प्रदेश पूरी तरह से अपराध मुक्त हो फिर भी तमाम जिम्मेदार उनके इस मंसूबे पर पानी फेर रहे हैं।पुलिस विभाग की थोड़ी लापरवाही आम जनता में अभिषाप बनती जा रही है।

अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।योगी सरकार के सख्त आदेश के बाद पूरे प्रदेश में हर जनपद का प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र के अनेकों गांवों में जाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकार के साथ साथ उन्हें हिम्मत बंधाने के लिये बैठकें व गोष्ठियों को आयोजित किया जा रहा है तथा महिला शसक्तीकरण का कार्य भी जोर शोर से चलाया जा रहा है। इतना होने के बावजूद जनपद की सदरपुर पुलिस हांथ पर हांथ धरे बैठी दिखाई देती है।

पुलिस की ड्यूटी सिर्फ बैंकों के चक्कर लगा लेने और देर रात में गश्त करने से ही पूरी हो जा रही है।बताते चलें कि कस्बे के अन्दर अल्पसंख्यक मदरसे, इस्लामिक मदरसे एवं परिषदीय व निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों सहित लगभग डेढ़ दर्जन विद्यालय हैं जिनमें एक इण्टर कालेज तथा एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी है जिनमें क्षेत्र के दर्जनों गांवों से बड़ी बड़ी बालिकाएं शिक्षा ग्रहण करने के लिये आती हैं। 

इन बच्चों के विद्यालय आने के समय व इंटरवल तथा छुट्टी होने पर जहांगीराबाद कस्बे के लगभग आधा दर्जन मनचले इन स्कूलों के सामने व आसपास खड़े दिखाई पड़ते हैं तथा बाइकों पर तीन तीन कभी चार चार लोग सवार हो अनावश्यक विद्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं लेकिन पुलिस कभी भी दिन में इन विद्यालयों के आसपास नहीं जाती। ऐसे आवारा लोग गांव के बीचोबीच स्थित श्री राम मनोहर श्रीवास्तव स्मारक विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कन्या प्राथमिक विद्यालय, मदरसा इस्लामिया कन्जुल उलूम आदि विद्यालयों के आसपास चक्कर लगाकर गांव के अंदर मुख्य चौराहे पर बाइकें खड़ी कर उन पर लेटकर हो हल्ला किया करते हैं। 

रास्ते पर निकलने वाली लड़कियों और महिलाओं पर फब्तियां कसते नजर आते हैं।पुलिस के गांव के अंदर न आने से उनके हौसले बुलंद हैं।जबकि बहुत से थाना क्षेत्रों में एण्टीरोमियो अभियान भी चलाया जा रहा है लेकिन सदरपुर पुलिस के कान पर जूं तक नहीं रेंगता।कभी भी सदरपुर पुलिस विद्यालय समय में गांव के अंदर नहीं जाती और ना ही किसी को अनावश्यक खड़ा होने पर टोकती है।जहांगीराबाद गांव के अन्दर चौराहे पर शिव मंदिर के आसपास सुबह से लेकर देररात तक अराजक लोगों का जमावड़ा लगा रहता है तथा शोर करते रहते हैं।

इतना ही नहीं ठेलों पर पानी पूरी, बर्फ और पापकार्न तथा चाट आदि बेचने वाले अपने अपने ठेलों के ऊपर या नीचे बड़े बड़े साउण्ड बाक्स रखकर लगातार तेज आवाज के साथ अशोभनीय गाने बजाते रहते हैं उन पर कोई भी प्रतिबंध नहीं है और ना ही उनसे ध्वनि प्रदूषण होता है।ध्वनि प्रदूषण सिर्फ मस्जिदों में अजान देने व मंदिरों में आरती व चालीसा बजने पर होता है। वाह रे, सरकार के नियम और न्यायालय का आदेश।
 

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