गुमशुदा युवती की मिली लाश, गर्भपात के दौरान हुई थी मौत,

प्रेमी समेत तीन को भेजा जेल, चिकित्सक की तलाश जारी 

 
गुमशुदा युवती की मिली लाश, गर्भपात के दौरान हुई थी मौत,

स्वतंत्र प्रभात

भीटी अंबेडकर नगर सोनम हत्याकांड का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वही आरोपी चिकित्सक की खोजबीन में पुलिस जुट गई है। चिकित्सक अस्पताल बंद कर फरार मौके से फरार हो गया है।मामला भीटी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा रेवली का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सम्मनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा शिवली नहर पट्टी के पास सोमवार को एक मानव कंकाल व एक दुपट्टा मिलने की सूचना सम्मनपुर थाना को ग्रामीणों के द्वारा दी गई थी। स्थानीय पुलिस द्वारा मानव कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया तथा उक्त घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक संजय राय द्वारा पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया था तथा घटना के सफल अनावरण हेतु संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि घटनास्थल से प्राप्त दुपट्टा के माध्यम से मृतका की शिनाख्त परिजनों द्वारा थाना भीटी के ग्रामसभा रेवली  के रूप में की गई।

जिस के संबंध में परिजनों ने 4 सितंबर को भीटी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी तत समय पुलिस ने गांव के एक युवक को बुलाकर पूछताछ किया था लेकिन लड़की के सम्बंध में कोई सफलता हासिल नहीं मिली थी। लड़की के नर कंकाल और दुपट्टे के आधार पर पहचान होने पर शक के आधार पर पूर्व में पूछे गए युवक से पुलिस के पूछताछ  करने पर जानकारी मिली कि संबंधित युवती से भीटी थानाक्षेत्र के रेवली निवासी संदीप पुत्र रामकिशुन व थानाक्षेत्र महरुआ अंतर्गत जैतुपुर निवासी विमलेश पुत्र रामलाल का विगत दिनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था तथा कुछ दिन पूर्व दोनों को उसके 5 महीने के गर्भ होने की जानकारी हुई थी। जानकारी मिलने के पश्चात दोनों युवकों ने युवती की गर्भपात कराने की योजना बनाई थी। हरियाणा राज्य में एक कंपनी में नौकरी कर रहे विमलेश द्वारा संदीप व विवेक पाल को युवती का गर्भाधान कराने के लिये तीन हजार रुपये भेजे गए थे। जिसके उपरांत उक्त युवती को बीते 26 अगस्त को अहिरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत अन्नावा बाजार के पास संचालित भारत अस्पताल के चिकित्सक के पास उसका गर्भपात कराने के लिए मोटरसाइकिल से लेकर चले गए थे। चिकित्सक के कहने पर रात को चिकित्सक के पास युवती को छोड़कर घर चले गए

जिसके बाद रात करीब 12:00 बजे चिकित्सक के द्वारा युवक के पास फोन करके बताया गया कि युवती को लेकर चले जाइए। लेकिन युवक के पास कोई साधन न होने के कारण सुबह अस्पताल आने की बात कही। युवक जब सुबह अपने मोटरसाइकिल से चिकित्सक के अस्पताल पर पहुंचा तो डॉक्टर ने गाड़ी समेत युवक को अंदर कैद कर लिया। तथा उसके ऊपर चिकित्सक दबाव बनाते हुए पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए मृतका के शव को उसके घर से लगभग 200 किलोमीटर दूर फेंकने के लिए बताया गया।पुलिस के डर के कारण युवक ने युवती को मोटरसाइकिल के माध्यम से अपने साथी के साथ थाना सम्मनपुर क्षेत्र के शिवली पुर नहर पट्टी के पास झाड़ियों में शव को फेंक दिया था। वहीं परिजनों के तहरीर पर भीटी पुलिस ने आईपीसी 364, 313, 304, 201 एससी एसटी अधिनियम के तहत संदीप पुत्र रामकिशन निवासी रेवली थाना भीटी, विमलेश पुत्र रामलाल निवासी जैतपुर थाना महरुआ विवेक पाल पुत्र ओमप्रकाश पाल निवासी रेवली के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत कर लिया था।

वहीं अस्पताल में लगभग दो दर्जन से अधिक गंभीर बीमारियों के इलाज किया जाता था। जिसमें मधुमेह, थायराइड, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, अस्थमा, दमा, एलर्जी, स्वाश रोग, निमोनिया, टीवी, पेट एवं लीवर से संबंधित समस्याएं, गैस बनना, उल्टी आना, चक्कर आना, भूख न लगना, पीलिया, गठिया, जोड़ों का दर्द, सर्वाइकल का दर्द, पैरों में सूजन, शरीर के अन्य भाग में सूजन, प्रोटेस्ट का समस्या मूत्र संबंधित रोग ,गुर्दे एवं पेशाब की नली में पथरी, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, चिकनगुनिया, बवासीर का इलाज किया जाता था। चिकित्सक के द्वारा अस्पताल बंद कर भाग जाने से अस्पताल के रजिस्ट्रेशन एवं डॉक्टर की डिग्री के बारे में पुलिस को अभी तक इसकी भी कोई जानकारी हासिल नहीं हो पाई है। बताया जाता है कि अस्पताल का संचालन कोतवाली अकबरपुर के ग्राम सभा जगदीशपुर के मजरे भूपतिपुर निवासी अमित कुमार पुत्र बंसराज के द्वारा किया जाता था।

   

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