नोटिस को लेकर उठ रहे सवाल के बीच एसडीएम टांडा ने पुलिस को दिए जांच के आदेश

 
नोटिस को लेकर उठ रहे सवाल के बीच एसडीएम टांडा ने पुलिस को दिए जांच के आदेश

स्वतंत्र प्रभात
अंबेडकर नगर।

जिले के टांडा तहसील अंतर्गत फरीदपुर कुतुब गांव के कुछ लोगों ने कोटेदार द्वारा कम राशन मिलने की शिकायत की । इसके बाद दबंग कोटेदार तुलसीराम ने ग्रामीणों को राशन देना ही बंद कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जिलापूर्ति अधिकारी राकेश प्रसाद, तहसील की आपूर्ति विभाग के निरीक्षक से लेकर जिलाधिकारी अंबेडकरनगर,  उप जिलाधिकारी टांडा को कई पत्र लिखे लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। 

महीनों चली लड़ाई के बाद प्रशासन हरकत में आया और ग्रामीणों के राशन कार्ड को दूसरे कोटेदार के यहां ट्रांसफर कर राशन दिलवाया लेकिन पिछला राशन उन्हें अब तक नहीं मिल सका।  अलबत्ता गांव के इन गरीब और असहाय लोगों को थाना अलीगंज की आख्या के आधार पर उपजिलाधिकारी टांडा द्वारा सीआरपीसी 107 /16 में पाबंद किया जा रहा है। फरीदपुर कुतुब चुनाव के पहले और विधानसभा चुनाव के बाद तक राशन न मिलने की समस्या को लेकर सुर्खियों में बना रहा । अखबारों में और सोशल मीडिया पर तमाम खबरें प्रकाशित हुई लेकिन अंबेडकर नगर जिले के संबंधित अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा। 

ऐसा लगता है कि यहां के अधिकारी अपने कर्तव्य निष्ठा को भूल चुके हैं उन्हें सिर्फ अपने पद का दुरुपयोग करना ही आता है। जिन ग्रामीणों को 4 महीने का राशन अंबेडकर नगर जिले का पुलिस प्रशासन और आपूर्ति विभाग नहीं दिलवा पाया उन ग्रामीणों को अब पुलिस और प्रशासन के सहयोग से परेशान करने की कोशिश की जा रही है । जो ग्रामीण अपना हक मांग रहे हैं अब उन्हें वकील और गवाह ढूंढ कर एसडीएम की कोर्ट में जाकर जमानत लेनी होगी । 

इससे तो बेहतर यही होता कि सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं को पलीता लगाने वाले अधिकारियों को सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का पुरस्कार दिया जाता।  बेहतर तो यही है कि राशन कार्ड धारक 5 किलो की बजाय अगर उन्हें 1 किलो राशन कोटेदार दे तो उन्हें संतोष कर लेना चाहिए क्योंकि अंबेडकर नगर जिले का पुलिस और प्रशासन ध्वस्त हो चुका है और जनता को परेशान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

उप जिला अधिकारी टांडा ने दिए जांच के आदेश_

उप जिलाधिकारी टांडा से इस बारे में टेलीफोन पर बातचीत के बाद उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा भेजी गई आख्या के आधार पर 111 के तहत नोटिस भेजा गया है।इस मामले की दोबारा जांच की जाए।

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