निपुण भारत मिशन ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

 
स्वतंत्र प्रभात

 
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अम्बेडकर नगर।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आलापुर द्वारा 'निपुण भारत मिशन' ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण उप शिक्षा निदेशक /प्राचार्य मनोज कुमार गिरि  के मार्गदर्शन में शुरू किया गया।निपुण भारत मिशन के अंतर्गत 4 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रशिक्षण प्रभारी वीना चौधरी के द्वारा माॅ सरस्वती की प्रतिमा का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।     


इस अवसर पर प्रभारी वीना चौधरी ने निपुण भारत मिशन प्रशिक्षण के उद्देश्य व उपयोगिता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निपुण भारत योजना का मुख्य उद्देश्य आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता के ज्ञान को छात्रों के अंतर्गत विकसित करना है। इस योजना के माध्यम से 2026-27 तक तीसरी कक्षा के अंत तक छात्र को पढ़ने, लिखने एवं अंकगणित को सीखने की क्षमता प्राप्त होगी। यह योजना बच्चों के विकास के लिए बहुत कारगर साबित होगी। 


       निपुण भारत योजना के माध्यम से अब बच्चे समय से आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। जिससे की उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास होगा। प्राथमिक कौशल बच्चों को कक्षा में ठहराव में सक्षम बनाते हैं जिससे बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को कम किया जा सकता है तथा इससे प्राथमिक से उच्च प्राथमिक व माध्यमिक चरणों में पढ़ाई छोड़ने की दर में कमी आएगी।गतिविधि आधारित लर्निंग और सीखने के अनुकूल माहौल से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।खिलौना आधारित और अनुभवात्मक लर्निंग जैसी अभिनव अध्यापन कला कक्षा कार्य में इस्तेमाल की जाएगी जिससे लर्निंग (सीखना) एक आनंदमय और आकर्षक गतिविधि बनेगी।शिक्षकों का उच्च क्षमता निर्माण उन्हें सशक्त बनाता हैऔर अध्यापन कला चुनने के लिये अधिक स्वायत्ता प्रदान करता है।


  शारीरिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास, साक्षरता व संख्यात्मक विकास, संज्ञानात्मक विकास, जीवन कौशल आदि जैसे परस्पर संबंधित और निर्भर विकास के विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर बच्चे का समग्र विकास किया जाएगा जो उसके प्रगति कार्ड में परिलक्षित होगा।इस प्रकार बच्चे तेज़ी से सीखने की क्षमता हासिल करेंगे जो उनकी शिक्षा के बाद के जीवन परिणामों और रोज़गार पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता हैचूँकि शिक्षा ग्रहण हेतु हर बच्चा प्रारंभिक ग्रेड में प्रवेश लेता है, इसलिये उस स्तर पर ध्यान देने से सामाजिक-आर्थिक व अलाभकारी समूह को भी लाभ होगा, इस प्रकार समान तथा समावेशी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित होगी।


डायट प्रवक्ता शशिकांत जी ने सीखने के मुख्य सिद्धांतों पर समझ बनाना, कक्षा कक्ष में घर की भाषा का प्रयोग करना, कक्षा में संवाद की भूमिका, स्कैफोल्डिंग और भाषा की उच्च स्तरीय दक्षता हासिल करना  सभी बच्चे सीख सकते हैं ,कक्षा-कक्ष में सौहार्दपूर्ण माहौल, पूर्व ज्ञान या सीखने में पीछे छूट गए बच्चों की मदद करना आदि विषयों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।एस.आर.जी. हरिश्याम ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति ,निपुण भारत , कोविड के कारण अधिगम क्षति, बच्चों के सामाजिक भावनात्मक विकास पर प्रभाव अधिक छात्र से निपटने पर चर्चा की।
डायट प्रवक्ता नित्येश प्रसाद तिवारी ने कक्षा में भाषा सीखने के वर्तमान तरीके पर चर्चा ,कक्षा में भाषा शिक्षण के संतुलित पद्धति के तरीके तथा मुख्य घटक की समझ पर विस्तार से चर्चा की।

 साथ ही उन्होंने बताया कि विद्यालयों में भाषा व गणित पर आधारित निपुण लक्ष्य चस्पा किया जाए। इसे सभी शिक्षकों को याद होना चाहिए और इन लक्ष्य की सम्प्राप्ति बच्चों में भी करनी है। एस.आर.जी श्वेता सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 में निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए निपुण भारत मिशन की शुरुआत की गई है। इस प्रशिक्षण के अन्तर्गत इस वर्ष 2022-23 की वार्षिक कार्ययोजना, साप्ताहिक व दैनिक कार्ययोजना पर चर्चा की । बच्चे सीख रहें हैं, इसका आंकलन करने के लिए आकलन प्रपत्र का प्रयोग , साप्ताहिक व दैनिक शिक्षण योजना आदि पर चर्चा की।


इस अवसर पर डायट प्रवक्ता अखिलेश कुमार,  शुची राय, प्रमोद कुमार सेठ, डॉ सुरेश, मोहम्मद अफजल, डॉ कृष्ण , श्यामबिहारी बिंद, दिनेश कुमार मौर्य ,वीरेंद्र कुमार वर्मा, मोहम्मद फैजान , ऐश्वर्या राजलक्ष्मी व  जनपद अंबेडकर नगर के समस्त ए.आर.पी उपस्थित रहे।

   

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