छात्रों को टीबी व कोविड के प्रति किया जागरूक

 
छात्रों को टीबी व कोविड के प्रति किया जागरूक 
 

-आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चल रहा आइकोनिक वीक आफ हेल्थ 

महोबा । 

जनपद में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ‘आइकोनिक वीक आफ हेल्थ’मनाया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रहीं हैं। यह कार्यक्रम 9 जनवरी तक चलेगा। इंटर कालेजों में छात्र-छात्राओं को टीबी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर तक बैठक कर लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव इलाज की जानकारी दी जा रही है। 

बृहस्पतिवार को चरखरी ब्लाक के रेवई गांव में स्वर्गीय के.एल.डी.पी. इंटर कालेज में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के जिला समन्वयक नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक देश से टीबी को समाप्त करने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव आइकोनिक वीक आफ हेल्थ के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राएं अपने परिवार व करीबी लोगों को जागरूक करें। 

-वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प

उन्होंने कहा कि टीबी और कोरोना दोनों संक्रमण से फैलते हैं। टीबी  मरीज के कोरोना की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। कोविड के बढ़ते केस व ओमिक्रोन की संभावना को देखते हुए सजगता बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने परिवार में लोगों को कोविड के प्रति भी जागरूक करने को कहा। उन्होंने छात्रों को मास्क लगाने, शारीरिक दूरी रखने और सैनिटाइजर के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया।इस मौके पर कालेज प्रबंधक साकेत त्रिपाठी, उमेश त्रिपाठी सहित क्षय रोग विभाग के पीपीएम प्रभात बाबू, एसटीएस शैलेंद्र दीक्षित व सलिल खरे, आफताब अहमद व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

1230 मरीजों को किया गया चिह्नित

जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जीआर रत्मेले ने बताया कि वर्ष 2021 में 1230 टीबी मरीजों को चिह्नित किया गया है। जिले की 5 टीबी यूनिट की मदद से इनकी मुफ्त  जांच कर इलाज कराया जा रहा है। वर्ष 2020 तक के 1155 मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कराया जा चुका है। पंजीकृत टीबी मरीज को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता भी दिया जा रहा है। मरीज को अपना आधार व बैंक अकाउंट का विवरण देना होता है। अब तक इस योजना के तहत 21.11 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
 

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