सौ सिगरेट के बराबर स्वास्थ्य पर नुकशान पहुंचाता है मॉस्क्विटो क्वायल:-डॉ. मनीषी अनंत

सौ सिगरेट के बराबर स्वास्थ्य पर नुकशान पहुंचाता है मॉस्क्विटो क्वायल:-डॉ. मनीषी अनंत
  • मनुष्य के लिवर,फेफड़ा,दिल और आंख पर पहुंचाता है सीधा नुकशान
  • अस्थमा और केंसर जैसे घातक रोगों को देता है जन्म

जमुई:-

मॉस्क्विटो क्वायल यानी मच्छर भगाने वाली दवा जो साइलेंट कीलर के नाम से विख्यात है।जिसके एक क्वायल का धुंआ 100 सिगरेट के धूंए के बराबर नुकसानदेह होता है।

क्या आप भी मच्छर भगाने के लिए मॉस्क्विटो क्वायल का इस्तेमाल करते हैं तो अब से सावधान हो जाएं।

यह क्वायल 75 से 100 सिगरेट जितना धुंआ निकालती है उसमें एक क्वायल से निकलने वाली धुंआ का मात्रक तकरीबन 2.5 है जो यह मात्रक जलने के बाद 40 गुणा बढ़ कर 2400 के करीब पहुंच जाता है।जो मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है।सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मनीषी अनंत ने बताया कि मच्छर भगाने वाले क्वायल में बेंजो वायरेस,बेंजो क्लोरोथेन जैसे तत्व होते हैं जो जो मनुष्य के शरीर के अंदर पहुंचकर प्रमुख पार्ट्स को नुकशान पहुंचाते है।

मनुष्य इससे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के गिरफ्त में आ जाते हैं।इसलिए मनुष्य को क्वायल के बजाय दूसरे साधन का इस्तेमाल करना चाहिए।

धूप और अगरबत्ती का भी धुँआ स्वास्थ्य के लिए होता है खतरनाक

धूम्रपान धूम्रपान फेफड़ों को नुकसान पहुँचाता है,इससे फेफड़ो का कैंसर होने की आंशका रहती है,लेकिन क्या आपको पता है कि मच्छर भगानेवाला क्वॉयल इंसानों के लिए सिगरेट बीड़ी से भी ज्यादा खतरनाक तो है ही लेकिन इसके अलावा घरों में प्रतिदिन उपयोग में लायी जानेवाली केमिकल यूक्त अगरबत्ती और धुप में भी इसी तरह का खतरा है।जिसके धूंए से भी मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

गर्भवती व नवजात शिशू के लिए है खतरनाक

डॉ. मनीषी अनंत ने बताया कि मच्छर से से बचने के लिए प्रयोग किया जाने वाला क्वॉयल गर्भवती महिला व शिशु के लिए काफी खतरनाक होता है। इसके धुएं से गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।गर्भ में पल रहे बच्चों को मानसिक तथा शारीरिक विकृति हो सकती है।इतना ही नहीं इसके धूंए के ज़्यादा सेवन से मनुष्य को नपुनशाक्त भी झेलनी पड़ सकती है।नवजात बच्चे के आसपास क्वॉयल जला दिया जाय तो सांस की समस्या से पीड़ित होने के अलावा घुटन से उनकी मौत तक हो जाती है।

मोस्क्यूटो क्वायल से नुकशान

सांस की नली में सिकुड़न,सांस लेने में दिक्कत,फेफड़ों पर सीधा दुष्प्रभाव,अस्थमा रोग होने का डर,त्वचा और आंख पर इसका बुरा असर,लिवर,दिल सहित मनुष्य के कई प्रमुख अंग पर इसका बुरा असर होता है।हाल के दिनों में अनुसंधान से यह पता चला है कि मोस्क्यूटो क्वायल के निर्माण में सामग्री का इस्तेमाल WHO के मानक क्षमता के अनुरूप नहीं है।

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