स्वास्थ्य इकाइयों में “विश्व गर्भ निरोधक दिवस” कार्यक्रम का आयोजन

स्वास्थ्य इकाइयों में “विश्व गर्भ निरोधक दिवस” कार्यक्रम का आयोजन

स्वास्थ्य इकाइयों में “विश्व गर्भ निरोधक दिवस” कार्यक्रम का आयोजन

परिवार नियोजन को किया गया प्रेरित 
इस वर्ष की थीम है “जीवन है आपका, जिम्मेदारी है आपकी”

संवाददाता नरेश गुप्ता


कानपुर , 26 सितंबर 2019
 परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कई कार्यक्रम चल रहा है परंतु समुदाय की सहभागिता के बिना इस पर रोक लगाना संभव नहीं है। इसी क्रम में गुरुवार को ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के मौके पर जिला महिला व पुरूष अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य इकाईयों में स्टाल लगाकर लोगों को परिवार नियोजन के संसाधानों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। छोटे परिवार के महत्व और फायदे बताए गए। हर वर्ष 26 सितम्बर को विश्व गर्भ निरोध दिवस मनाया जाता है |
नोडल अधिकारी डॉ राजेश कटियार ने कहा की बढ़ रही जनसंख्या बहुत बड़ी समस्या है तथा इसको केवल जागरूकता और शिक्षा से हल किया जा सकता है|

उन्होंने कहा की युवा पीढ़ी का सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है। 
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरसौल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएल वर्मा ने केंद्र में उपस्थित आशाओं और लोगों को कान्ट्रासेप्टिव के कार्य करने के तरीके, उनके प्रकार व उनसे होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए दो बच्चों के बीच 3 साल का अंतराल रखना, गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना एवं रूढि़वादी सोच को बदलना जरूरी है। 


सरसौल ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक अंशुमन सिंह ने बताया कि सीएचसी में महिला व पुरूषों को गर्भनिरोधक संसाधनों की जानकारी दी गई। परिवार नियोजन के लाभ और उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व गर्भनिरोधक दिवस आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देना है।
विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर स्वास्थ्य इकाईओं में आने वाले महिला व पुरूषों को नसबंदी, पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी, छाया, अंतरा, कंडोम इत्यादि संसाधनों की जानकारी दी गई।


पॉपुलेशन सर्विस इंटरनेशनल के सिटी मैनेजर ने बताया कि गर्भ गर्भनिरोधक संसाधनों का उपयोग करने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के उपायों को अपनाने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। बताया कि पुरूष नसबंदी पर 2000 तथा महिला नसबंदी पर 1400 रूपये लाभार्थी को दिए जाते हैं। प्रसव के बाद पीपीआईसीडी में महिला को 150 रूपये मिलते हैं।

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