सीएम योगी द्वारा दिये गये मानकों के सख्त आदेश लाइट हॉस्पिटल ( Lite hospital ) के मालिक सुरेश कटियार के ठेंगे पर, सो रहा प्रसाशन

अवैध पार्किंग स्टैंड नहीं हटाने वालों पर NSA लगाने का दिया था आदेश, बावजूद इसके लाइट हॉस्पिटल के मालिक सुरेश कटियार को नहीं है, किसी बात का भय
 
सीएम योगी द्वारा दिये गये मानकों के सख्त आदेश लाइट हॉस्पिटल ( Lite hospital ) के मालिक सुरेश कटियार के ठेंगे पर, सो रहा प्रसाशन

स्वतंत्र प्रभात-

 

जब्त करने का आदेश

पार्किंग स्टैंड करने वालों के खिलाफ NSA के तहत की जाएगी कार्रवाई व उनकी संपत्ति जब्त होगी जब्त करने आदेशसीएम योगी के सख्त आदेश के बावजूद केशव नगर डिवाइडर किनारे लाइट हास्पिटल है जो की मानक के विपरीत है। जी हां बतादें की लाइट हास्पिटल के मालिक सुरेश कटियार बिना पार्किंग व्यवस्था किए धड़ल्ले से चल निजी हास्पिटल न है। हास्पिटल में पार्किंग कि सुविधा है न कोविड डिस्टेंस का कोई नियम। वहीं आलम ये है की हास्पिटल के सामन बनें फुटपाथ पर बड़ा हाइवी हास्पिटल अवश्यकता हेतु जनरेटर लगाकर पूरा का पूरा फुटपाथ ब्लाक किये हैं और खाली पड़ी फुटपाथ की जगह पर अवैध पार्किंग कर सीएम योगी आदेशो को सवालों के लाल घेरे में लाने का काम कर रहें है।

जैसा ​की आपको बतादें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार 19 मई 2022 को वीडियो कान्फ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी जिलों के अफसरों को 48 घंटे के अंदर अवैध पार्किंग व वाहन स्टैंड को बंद कराने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को अल्टीमेटम का निर्धारित समय से पूरा किया जाने का आदेश दिया था। लेकिन आज करीबन डेढ़ महीना हो गया है लेकिन समस्या अभी भी जस की तस है। जी हां बता दे क्यों उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क सुरक्षा अवैध अतिक्रमण को लेकर अब कड़े कदम उठा रहे हैं। लगातार आ रही एक्सीडेंट की खबरों के बीच सीएम योगी ने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर रहने को कहा था।

सीएम योगी ने सड़क सुरक्षा को लेकर पहले ही एक मीटिंग में आदेश दिया है कि 48 घंटे में राज्य से सभी अवैध पार्किंग स्टैंड हटा दिए जाएं। इसके बावजूद सीएम योगी के सख्त आदेश के बावजूद मानक के विपरीत लाइट हास्पिटल के मालिक सुरेश कटियार बिना पार्किंग व्यवस्था किए धड़ल्ले से चल निजी हास्पिटल चला सीएम योगी के आदेशों को ठेंगा दिखा उन्हें सवालों के लाल घेरे में लाने का काम कर रहे हैं

 

NSA के तहत संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी हैं

सीएम योगी का आदेश है कि जो अवैध पार्किंग स्टैंड नहीं हटाते उनके खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की जाए और उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाए। इसके साथ ही हाईवे पर बिना पार्किंग के फुटपाथ पर हॉस्पिटल स्कूल वह अन्य अवैध स्टैंड को हटाने व बंद करने के आदेश दिए गए हैं। पटरी दुकनादारों के लिए भी जगह निर्धारित करने का आदेश भी दिया गया है। इसके बावजूद डॉ सुरेश कटिहार सीएम योगी के तय किए गए मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं और बेखौफ धड़ल्ले से उनके आदेशों को ठेंगा दिखाकर अतिक्रमण को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि नगर निगम वार्ड में छोटी मोटी पंचर पान की गुमटी पूरी जैसी आदि दुकानों को तो हटा कर अपनी हुआ वह कमा लेता है

लेकिन क्यों रसूखदार ओ पर एक खरोच भी नहीं आने देते हैं। इस मामले को लेकर जब खबर के माध्यम से प्रकाश डाला गया तो डॉ सुरेश कटिहार से हुई वार्ता के अनुसार उन्होंने कुछ बड़े बोल बोल डाले उन्होंने कहा और लोगों की तरफ भी तो जाम लगता है हम ही भर हैं क्या इतना कहते हैं आगे के शब्द उनके लड़के की हमारे यहां सभी तरह के बड़े पत्रकार, पुलिस, नेता मंत्री आते हैं हमारा सभी से परिचय है जिससे साफ जाहिर होता है कि वह मामले को ठंडा करने के लिए धमका कर दबाव डालने का प्रयास कर रहें है, बल्कि साथ ही नेता, मंत्री का हवाला देकर सीएम योगी, जिला प्रसाशन, नगर निगम, एलडीए व स्वास्थ्य विभाग के सामने भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहें है।

अब बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि यूपी के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ के बड़े आला अधिकारी यह मामला प्रकाश में आने के बाद भी क्या कार्रवाई करते हैं अगर हां तो और कितना समय कार्रवाई को लेकर लग सकता है हालाकि की सीएम के पहले कह रखा है की, सड़कों पर और उसके किनारे कोई अपनी दुकाने न लगाए इसका खास ध्यान रखने को कहा गया है। इसके साथ ही स्पीड ब्रेकर भी मानक के आधार पर ही होने चाहिए। सीएम योगी का आदेश है कि जहां भी कमर तोडू स्पीड ब्रेकर हैं उन्हें हटाया जाए।

सीएम योगी का कहना है कि ये बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकते हैं। स्पीड ब्रेकर केवल टेबल टॉप हों। वहीं माफिया को किसी भी ठेका-पट्टे के साथ जुड़ने से रोकने के आदेश हैं। सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा है कि हर एक माफिया की कमर तोड़ डालिए। उनका कहना है कि अगर एक माफिया भी जुड़ता है तो फिर उनका पूरा गैंग अवैध गतिविधियों का अड्डा बना देता है। इसलिए अवैध ढाबों, फुटपाथ से अवैध पार्किंग स्टैंड को हटाया जाए। हाईवे से एक्सप्रेसवे तक किसी भी सड़क पर अवैध अतिक्रमण न हो।

 

सीएम योगी अफसरों को पहले दे चुके हैं अल्टीमेटम

48 घंटे के भीतर अवैध पार्किंग न हटाने वालों पर लगाए NSA के हैं आदेश बावजूद इसके 48 घंटे तो दूर की बात केशव नगर डिवाइडर रोड किनारे स्थित लाइट हॉस्पिटल की फुटपाथ पर अवैध पार्किंग का अतिक्रमण अभी जस का तस है। जी हां आपको बता दें की, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर अवैध टैक्सी स्टैंड व फुटपाथ पर अवैध पार्किंग स्टैंड की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

(Adityanath) ने प्रदेश भर के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगले 24 से 48 घंटे के अंदर सभी अवैध वाहन स्टैंड (Illegal Parking Stand) को हटा दिया जाए। सीएम योगी के आदेशानुसार व्यवस्थित पार्किंग हो, जिससे माफिया, अराजकता और दलालों के लोगों को दूर रखा जाने के भी आदेश दिया था ​लेकिन केशव नगर फुटपाथ के चारों तरफा आज भी अवैध पार्किंग का ही बोलाबाला है उदाहरण के तौर पर केशव नगर डिवाडर रोड किनारे लाईट हास्पिल की अवैध पार्किंग की मनमानी देखी जा सकती है।

 

हालाकि सीएम योगी ने अफसरों से कहा कि अगर कोई अवैध स्टैंड संचालक स्टैंड को नहीं हटाता है तो उसके ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगा कर उसे जेल भेजा जाए। ताकि अन्य लोगों के लिए भी संदेश जाए। सीएम योगी ने अफसरों से कहा कि निर्धारित स्थान के बाहर दुकानें ना हो। सीएम योगी ने पहले ही कह रखा है कि कि अगर 48 घंटे के भीतर अवैध टैक्सी स्टैंड, फुटपाथ पर अवैध पार्किंग स्टैंड की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा अभियान के लिए इस बार मुख्यमंत्री ने विभिन्न संबंधित विभागों को शामिल कर कार्ययोजना तैयार की है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसकी रूपरेखा अधिकारियों को बताई। सीएम योगी ने कहा कि हर नागरिक का जीवन अमूल्य है और हर साल कई लोग थोड़ी सी लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटनाओं में मौत का शिकार बन जाते हैं। इसके लिए हमें हमेशा सतर्क और सावधान रहना होगा। सीएम योगी ने कहा कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल एक विभाग की नहीं है और यह सामूहिक प्रयासों से ही संभव हो पाएगा। सीएम योगी ने अफसरों द्वारा की गई लापरवाही को लेकर कहा कि, कहा कि शहरों में पार्किंग व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर अवैध स्टैंड हटाए नहीं जाते हैं तो इसकी जिम्मेदारी अफसरों की होगी और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

 

अधिकांश अस्पताल और पैथोलॉजी में नहीं है पार्किंग जगह

बड़ा सवाल ये है कि, अतिक्रमण और जाम को लेकर आखिर क्यों जिला प्रशासन के अभियान चलाने के बावजूद लाइट हॉस्पिटल जैसे रसूखदार सुरेश कटिहार जो नेता मंत्री का हवाला देकर बात करते हैं उन पर क्यों सरकार की गाज नहीं गिरती व ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी पर शिकंजा नहीं कस रहा है। आपको बता दें कि हाल ही में अयोध्या स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे की तैयारी शुरू कर किया था। जी हां आपको बता दें कि, बिना पार्किंग के संचालित हो रहे अस्पतालों और पैथोलॉजी को चिह्नित करने के बाद उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया था बल्कि सर्वे का काम जनपद में 22 दिन तक चलाने की योजना भी बनाई थी स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम जन शिकायतों के आधार पर उठाया है।

विभाग का कहना है कि लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि अधिकतर निजी अस्पताल निर्धारित मानकों को नहीं पूरा कर रहे हैं। विभाग की ओर से शुरू किए जाने वाले सर्वे के तहत अस्पतालों और पैथोलॉजी के लिए निर्धारित मानकों की भी पड़ताल करायेगा, जिसमें बायोमेडिकल वेस्ट, संसाधन और सुरक्षा के साथ साथ हाइजीन सिस्टम को भी देखा जायेगा। विभाग द्वारा पहले ऐसे हास्पिटलों व पैथोलॉजी को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद पार्किंग और अन्य निर्धारित मानकों की व्यवस्था नहीं करने पर उसका लाइसेंस निरस्त करेगा। इसके लिए टीम का गठन किया है। टीम सर्वे करना शुरू कर दिया है।

 

लाइट हॉस्पिटल पहुंचने वाले की मनमानी इस कदर

लाइट हॉस्पिटल पहुंचने वाले तीमारदार नियमित पार्किंग ना होने के कारण अपना वाहन सड़क पर खड़ा कर मरीज को अस्पताल के अन्दर जाते हैं, जिसके चलते अस्पतालों के बाहर आधी सड़क तक वाहनों का रेला खड़ा रहता है। अब सवाल बड़ा यह है कि स्वास्थ्य प्रशासन बिना पार्किंग के संचालित हास्पिटलों को चिह्नित क्यों नहीं कर रहा है। हास्पिटल संचालक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है, सीएम योगी के सख्त आदेश के बावजूद NSA के तहत उनका लाइसेंस निरस्त्रीकरण और जुमार्ना क्यों नहीं शामिल कर रहा है।

पार्किंग के साथ यह भी है तय किए गए मानक

पार्किंग के अतिरिक्त सर्वे में अस्पतालों में निर्धारित मानकों का भी चिह्निकरण किया जाएगा अनिवार्य हो गया है जो कि अभी तक किसी भी तरह की हो इस मामले पर सक्रियता नहीं बरती गई है बता दें कि, तय किए गए मानक के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण बायोमेडिकल वेस्ट और आंतरिक सुविधाएं शामिल हैं। मरीजों के तीमारदारों के बैठने, वार्डों में इंतजाम, आईसीयू के मानक आदि शामिल किए गए हैं। इसी तरह पैथोलॉजी में भी मानकों की पड़ताल करना भी अनिवार्य हो गया है।

   

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