अरुण तिवारी द्वारा की गई शिकायतों की बजह से राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन उरई की बदली तस्वीर

मेडिकल कॉलेज जालौन की तस्वीर बदलते ही महानिदेशक ने पूर्व में हुए पैसों के व्यय पर बिठाई जांच
अरुण तिवारी द्वारा की गई शिकायतों की बजह से राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन उरई की बदली तस्वीर
करोड़ों की धनराशि से पूर्व में क्यों नहीं बदल सकी मेडिकल कॉलेज की तस्वीर
नए प्रधानाचार्य ने लगभग 3 माह मैं ही मेडिकल कॉलेज को दे डाली नई सौगातें
पूर्व में आई धनराशि की जांच करेगी तीन सदस्यीय टीम
उरई (जालौन)
केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को उत्तम बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है जिसको लेकर सरकार मेडिकल कॉलेजों को हर वर्ष करोड़ों रुपए भेजती है ।
जिससे मेडिकल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहतर हो सके लेकिन जनपद जालौन का मेडिकल कॉलेज लगातार शिकायतों व लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए सुर्खियों में रहा है। अरुण तिवारी की मेहनत से नए प्रधानाचार्य आये और चार्ज लेते ही मेडिकल कॉलेज जालौन की तस्वीर ही बदल गई। जबकि पूर्व में रहे प्रधानाचार्य की जनपद के किसी भी जनप्रतिनिधियों द्वारा पूर्व में कोई भी शिकायतें नही की गई थी
जिससे आये दिन गलत कार्यो में रूचि रखने लगे थे क्योंकि जहां आए दिन लोगों द्वारा शासन को शिकायतें भेजी जाती थी आज वही शासन तक मरीजों के प्रशंसा भरे पत्र पहुंच रहे थे जिनमें पहले किए गए उपचार और आज के उपचार का जिक्र भी है क्योंकि कुछ प्रशंसा पत्र चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल भी किये गए हैं लेकिन सोचनीय तो यह है कि जो लोग मेडिकल की दवाई नहीं मिठाई से जिंदा थे
उनके पेटों में अब दर्द होना शुरू हो गया है और अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दरकिनार कर मेडिकल कॉलेज जालौन पर सवाल उठाना चालू कर दिया जबकि मेडिकल में जांच करने आए एडीजी डॉ मुकेश यादव ने सारी व्यवस्थाएं दुरस्त होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी है। क्योंकि नए प्रधानाचार्य ने पुराने कार्यकाल में लगी दीमक को मेडिकल कॉलेज से बाहर निकाल फेंका है
मेडिकल कॉलेज को लचर बनाने वाली इस दीमक की आवाज भी अब लोगों के कानों तक पहुंचने लगी है क्योंकि यह लोग अपनी फर्जी बातों से मेडिकल को दोबारा अपना आशियाना बनाना चाहते हैं । अगर ऐसा हुआ तो डॉक्टर नाथ के समय में मेडिकल में लगी दिमाग फिर से हावी हो जाएगी और मेडिकल का विकास रुक जाएगा क्योंकि मेडिकल में दीमक की तरह लगे लोगों को मेडिकल की दवाई से नहीं बल्कि मिठाई से लगाव है पूर्व में डॉक्टर नाथ ऐसे लोगों का संरक्षण लेने के लिए मिठाई खिलाते थे।
जिस वजह से कोई इनका विरोध ना कर पाए क्योंकि एक मामला उस समय का है जिसमें सूत्रों की माने तो निर्दोष होने के बाद भी एक बाबू की बलि चढ़ गई और उसी की आड़ में डॉक्टर नाथ ने अपनी गर्दन बचा ली जहां डॉक्टर नाथ ने लाखों का टेंडर ऋषि एंटरप्राइजेज को दिया था जबकि फर्म के दस्तावेज सही नहीं थे इसकी पुष्टि महानिदेशक के एक पत्र से होती है क्योंकि जांच में प्रथम द्रष्टया एक बाबू को निलंबित किया गया जबकि टेंडर के सारे दस्तावेज की पुष्टि प्रधानाचार्य द्वारा की जाती है तो बाबू पर कार्यवाही के बाद डॉ नाथ की गर्दन फसना तय है
क्योंकि महानिदेशक ने ऐसे कई मामलों को लेकर 3 सदस्यीय टीम का गठन किया है जिसमें यह टीम 3 वित्तीय वर्षों में आई धनराशि पर जांच करेगी माना जा रहा है कि डी नाथद्वारा जो मिठाई कॉलेज में लगी दीमक को खिलाई थी उसका हिसाब कहां से देंगें वहीं सूत्रों की माने तो इस आदेश के बाद डॉक्टर नाथ ने हाथ पैर मारना चालू कर दिया है
अपने सूत्र बिठाने चालू कर दिए जिससे इस मामले को भी दबाया जा सके वही माना यह भी जा रहा है कि जनपद जालौन की एक जनप्रतिनिधि भी इनकी उस लिस्ट में शामिल है जो इनका हर तरीके से सहयोग कर रहे हैं क्योंकि उस मिठाई का ज्यादातर हिस्सा इन्हीं जनप्रतिनिधि के पेट में गया है
क्या रहा मुख्य कारण
पिछले वर्षों से लगातार मेडिकल कॉलेज में खामियां मिल रही थी लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा पूर्व में कोई शिकायते नही की गई इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एनएचआरओ के चेयरमैन अरुण तिवारी ने मेडिकल कॉलेज की खामियों को देखते हुए दर्जनों आरटीआई डाली इसके बाद शिकायते की जिसको लेकर आज मेडिकल कॉलेज की तस्वीर बदल गई और मेडिकल कॉलेज पर जांच बैठ गई।
About The Author
Related Posts
Post Comment
आपका शहर

28 Mar 2025 12:53:53
भारत के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों, पूर्व न्यायाधीशों और अटॉर्नी जनरलों (एजी) ने कहा कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवास पर...
अंतर्राष्ट्रीय

21 Mar 2025 21:05:28
रवि द्विवेदी रिंकू संग्रामपुर,अमेठी। संग्रामपुर क्षेत्र के कालिकन धाम के पवित्र स्थान गणेश देवतन पर आज गुरूवार से श्रीमद्भागवत कथा...
Online Channel

खबरें
शिक्षा
राज्य

Comment List