संजीव -नी।

संजीव -नी।

चलो थोडा मुस्कुराते है।।

चलो थोडा मुस्कुराते है,
इस दवा को आजमाते है.

कठिनाई में खिलखिलाते है,
मुसीबत में भी मुस्कुराते हैं।

जिसकी आदत है मुस्कुराना,
वो ही ज़माने को हँसातें है।

निराशा,विषाद में क्या रखा है मित्रो,
उदासी को मुस्कुराहट से मिटाते है।

मुस्कुराना औषधि है बेहतरीन,
इस नुस्खे को भी आजमाते है।

खरीदी न बेचीं जाती मुस्कुराहट,
अनमोल हैं ये चलो मुस्कुराते है।

बेहतरी के नाम मुस्कुराते है,
सुनहरे कल के लिए मुस्कुरातें है।

जमाने ने दियें हैं जख्म बहुत सारे
चालो चोटों के सहारे मुस्कुरातें हैं।

कुछ मित्रो के संग बिताई यादें हैं,
चलो उन पलों के लिए मुस्कुरातें हैं।


स्वतंत्र प्रभात मीडिया परिवार को आपके सहयोग की आवश्यकता है ।

About The Author

Related Posts

Post Comment

Comment List

No comments yet.

आपका शहर

अंतर्राष्ट्रीय

कालिकन धाम के गणेश देवतन पर शुरू हो रही भागवत कथा से पहले निकाली गई भव्य कलशयात्रा कालिकन धाम के गणेश देवतन पर शुरू हो रही भागवत कथा से पहले निकाली गई भव्य कलशयात्रा
रवि द्विवेदी रिंकू  संग्रामपुर,अमेठी। संग्रामपुर क्षेत्र के कालिकन धाम के पवित्र स्थान गणेश देवतन पर आज गुरूवार से श्रीमद्भागवत कथा...

Online Channel