अमेरिका के दावे से मची खलबली! कहा- भारत पाकिस्तान में आतंकी मरवा रहा
International Desk
पाकिस्तान ने भारत को लेकर ऐसा दावा किया है जिसने कई देशों में बवाल खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान के इस झूठे दावे को दुनियाभर में फैलाने के लिए अमेरिका ने भी पूरी ताकत लगा दी है। यानी ये साफ हो चुका है कि अमेरिका और पाकिस्तान दोनों मिले हुए हैं। तभी तो एक ही समय पर पाकिस्तान और अमेरिका की तरफ से भारत की खुफिया एजेंसी पर एक जैसे झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पाकिस्तान ने सबसे पहले बयान दिया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूच लिबरेशन आर्मी जैसे संगठन भारत की खुफिया एजेंसी रॉ से पैसा ले रहे हैं। ये दोनों संगठन भारत से मदद ले रहे हैं। पाकिस्तान ने जैसे ही ये बेबुनियाद आरोप लगाया उसके तुरंत बाद अमेरिका ने सोशल मीडिया पर एक बयान वायरल करवाना शुरू कर दिया।
भारत ने सभी आरोपों से इनकार किया है। लेकिन प्रत्येक मामले में उसकी प्रतिक्रियाएँ गुणात्मक रूप से भिन्न रही हैं और उन्हें व्यापक नीतिगत स्थिति और वर्तमान रणनीतिक अनिवार्यताओं को प्रतिबिंबित करने के रूप में देखा जा सकता है। कनाडा के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कनाडा की सरकार पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया है।
भारत देता है तालिबान को पैसे
उन्होंने दावा किया कि भारत ने मुल्ला याकूब को 10 मिलियन डॉलर (83.36 करोड़ रुपये) दिए हैं. इस पैसे को गेको बेस को फंड करने के लिए भेजा गया था, मुल्ला याकूब अभी तालिबानी प्रशासन में रक्षा मंत्री है. याकूब तालिबानी नेता मुल्ला ओमार का बेटा है, वहीं, गेको बेस कंधार के करीब एक हवेली है, जो मुल्ला ओमार की है. बता दें कि जब अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में आई तो उसने इसे CIA का बेस बनाया, यहां से ही अमेरिका के स्पेशल ऑपरेशन होते थे. बाद में इसे गेको कैंप बोला जाने लगा.
तालिबान से आतंकियों को मरवा रहा भारत
बयान में अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की एक अधिकारी बोल रही है कि भारत तालिबान की मदद से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को मरवा रहा है। यानी पाकिस्तान और अमेरिका दोनों आरोप लगा रहे हैं कि भारत दूसरे देशों में आतंकियों की हत्याएं करवा रहा है। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये बात तो सच है कि पिछले एक साल में कनाडा, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल और ब्रिटेन में कई आतंकी मारे गए हैं। इनमें से ज्यादातर वो आतंकी मारे गए हैं जो कभी न कभी भारत पर हमला करते रहे हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन हत्याओं का आरोप भारत पर लगाना बिल्कुल गलत है।
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