डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल का लिया जायजा

आर्थोपैडिक्स विभाग की ओपीडी में लगी मशीनें दुरुस्त कराने के निर्देश

 
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को राजाजीपुरम रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल का जायजा लिया। औचक निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां मिली। जिन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को राजाजीपुरम रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल का जायजा लिया। औचक निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां मिली। जिन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

स्वतंत्र प्रभात-लखनऊ। 15 सितंबर

दोपहर करीब डेढ़ बजे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल पहुंचे। गेट के निकट दांतों की बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग मिले। उन्हें इलाज से पहले कोविड जांच कराने की सलाह दी थी। मरीज की पीड़ा देख वह रुक गए। उन्होंने अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता टंडन से पूछा कि क्या दांतों के इलाज से पहले कोविड जांच जरूरी है। इस पर डॉ. संगीता ने कहा कि यदि किसी भी मरीज में कोविड के लक्षण दिखते हैं तो एहतियातन जांच कराई जाती है। ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। वहीं प्राथमिक इलाज जरूरी दवाएं दी जाती हैं। रिपोर्ट आने तक मरीज को कुछ राहत मिल सके।

टिटनेस का इंजेक्शन क्यों नहीं है
डिप्टी सीएम ने सीएमएस से फार्मेसी में ले जाने के लिए कहा। यहां पूछा कितनी तरह की दवाएं मरीजों को बांटी जा रही हैं? इमरजेंसी ड्रग लिस्ट कहां है? फार्मेसी की व्यवस्था ठीक मिली। इमरजेंसी ड्रग लिस्ट दीवार पर चस्पा थी। पर्याप्त दवाएं भी फार्मेसी में मिली। उन्होंने टिटनेस के इंजेक्शन के बारे में पूछा। सीएमएस ने बताया कि टीटनेस का इंजेक्शन आपूर्ति में नहीं मिल रहा है। लिहाजा लोकल परचेज के बजट से टिटनेस का इंजेक्शन खरीदा जा रहा है।

आर्थोपैडिक्स विभाग की ओपीडी में लगी मशीनें दुरुस्त कराने के निर्देश

ये एक्सरे देखने की मशीन पट्टी के सहारे
डिप्टी सीएम ने हड्डी रोग विभाग की हालत देखकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि एक्सरे देखने की मशीन पट्टी के सहारे क्यों बांधी गई है? जगह-जगह गंदगी है। यहां सफाई कब से नहीं हुई। तार भी खुले हैं। फर्नीचर भी टूटा है। अस्पताल प्रशासन ने डिप्टी सीएम के सवालों पर लीपापोती शुरू की। डिप्टी सीएम ने तुरंत व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद डिप्टी सीएम कुष्ठ निवारण कक्ष में गए। यहां कर्मचार तैनात किए। डिप्टी सीएम ने मरीजों के बारे में जानकारी ली। कर्मचारी ने बताया कि कुल 12 मरीज पंजीकृत हैं। जिन्हें दवाएं देते हैं। फिर घर जाकर समय-समय पर मरीज व उनके परिवारीजनों की सेहत का हाल लेते हैं। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अस्पताल की सीएमएस से कुष्ठ रोगियों की सेवा में लगे कर्मचारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए।

मंत्री ने देखा ओटी
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक सर्जरी विभाग में मौजूद डॉक्टर से मिले। पूछा ओपीडी में कितने मरीज देखे। डॉक्टर ने बताया कि 60 मरीज देखे। डिप्टी सीएम ने पूछा ऑपरेशन नियमित होते हैं। डॉक्टर ने कहा जी हैं। मंत्री ने डॉक्टर से कहा ऑपरेशन थिएटर दिखाई। एनस्थीसिया विशेषज्ञों के बारे में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि दो एनस्थीसिया विशेषज्ञ हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) से एक और एनस्थीसिया विशेषज्ञ की संविदा पर तैनाती हो गई है। इससे काफी हद तक समस्या का समाधान हो जाएगा।

   

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