स्टाफ नर्सों द्वारा प्रसूता महिलाओं के परिजनों से की जा रही अवैध वसूली, ​​​​​​​

अस्पताल अधीक्षक से हुई शिकायत 
 
स्टाफ नर्सों द्वारा प्रसूता महिलाओं के परिजनों से की जा रही अवैध वसूली,


स्वतंत्र प्रभात


 मिल्कीपुर अयोध्या सीएचसी में स्टाफ नर्सों द्वारा प्रसव के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। सीएचसी में तैनात संविदा स्टाफ नर्स रिशु सिंह लगभग एक माह पूर्व एक प्रसव महिला के परिजनों से डिलीवरी के दौरान 3000 हजार रुपए की मांग की गई थी। परिजनों ने तत्काल पूरे मामले की शिकायत अस्पताल के अधीक्षक अहमद ए हसन किदवई से की थी। मामला संज्ञान में आने के बाद अधीक्षक ने संविदा स्टाफ नर्स को फटकार लगातेहुए अन्य स्टाफ नर्स से प्रसव करवाया था वही रिशु सिंह के खिलाफ मामले की जांच शुरू करा दी थी। लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई सकी।इसके बाद भी धन उगाही का खेल बंद नहीं हुआ। आए दिन स्टाफ नर्स द्वारा सीएससी मिल्कीपुर में मरीजो से 500 से लेकर 1500 तक डिलीवरी में टांके व दवा के नाम पर वसूला जा रहा है, यह सब खेल अधीक्षक के नाक के नीचे चल रहा है,

लेकिन अधीक्षक को भनक तक नहीं है। स्वतंत्र प्रभात से सीएचसी में डिलीवरी कराने गई ईट गांव निवासिनी सुनीता यादव पत्नी दीपक यादव 17 सितंबर की रात प्रसव कराने के लिए अस्पताल पहुंची थी। जहां पर प्रसव के दौरान स्टाफ नर्स सुमन लता ने प्रसव महिला के परिजनों से पहले तो बाहर की दवा लिखकर मंगाई फिर बाद में एक हजार रूपए की मांग की जब प्रसव पीड़िता की पति ने उक्त रुपया देने में असमर्थता जताई तो जिला रेफर करने की बात कही जब 1000 रूपए स्टॉप नर्स सुमन लता व आशा बहू मिथिलेश सिंह ने जबरिया ले लिया तो प्रसव को अस्पताल में ही करा दिया ‌‌। इतना ही नहीं चांदपुर निवासिनी निशा पत्नी राजेश कुमार व इछोई ददुआ निवासिनी रेशमा दुबे पत्नी रंगनाथ दूबे से भी उक्त स्टाफ नर्स ने अवैध वसूली की है।शिकायत के बाद अस्पताल अधीक्षक ने स्टाफ नर्स व आशा बहू को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोगों द्वारा पैसा वसूला गया होगा तभी परिजन कह रहे हैं नहीं तो और किसी को कोई क्यों नहीं कह देता तुम लोगों की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

   

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