ग्राम प्रधान व अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं का हो रहा बंदरबांट

प्रधानमंत्री आवास की राह देखते देखते बीत गए 10 साल

 
ग्राम प्रधान व अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं का हो रहा बंदरबांट

स्वतंत्र प्रभात 
 

महमूदाबाद सीतापुर ग्राम प्रधान व अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी योजनाओंं का हो रहा बंदरबांट पात्र रह रहे वंचित। आपको बतातेे चलें ऐसा ही एक मामला जनपद सीतापुर की तहसील महमूदाबाद के ग्राम लोधासा का है जहां पीड़ित लगभग 10 वर्षों से सरकारी  योजनाओं का लाभ पाने के लिए राह देख रहा है लेकिन ग्राम प्रधान व अधिकारी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा। जनपद सीतापुर की तहसील महमूदाबाद के ग्राम लोधासा के निवासी मनोहर लाल पुत्र बच्चू लाल सोनी कई वर्षों से एक कच्चे जर्जर मकान में निवास करते चले आ रहे हैं और कई वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास का आवेदन करते चले आ रहे हैं लेकिन 10 वर्षों का समय बीत गया अभी तक पीड़ित को न तो प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिला है ना ही इस पीड़ित के बारे में ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी का ध्यान है

कि पीड़ित इस जर्जर मकान में कई वर्षों से निवास कर रहा है कहीं कोई बड़ा हादसा ना हो जाए हादसे का जिम्मेदार कौन होगा ग्राम प्रधान या अधिकारी। पीड़ित ने मीडिया के माध्यम से भी प्रधानमंत्री आवास की मांग की थी जब मीडिया कर्मियों ने पीड़ित की जांच की तो मौकेेे पर पीड़ित का पूरा मकान जर्जर और कच्चा पाया गया मकान इतना जर्जर था कि मकान कब गिर जाए इसका कोई अंदेशा नहीं है।  इस संबंध में जब जब खंड विकास अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहां की मैं जांच करवा कर अगर पीड़ित पात्र है तो उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ जरूर मिलेगा लेकिन 10 वर्षों में कितने खंड विकास अधिकारी आये और कितने चले गए हैं ना तो इस पीड़ित की अभी तक कोई जांच हुई है और ना ही कोई कार्यवाही क्या ग्राम प्रधान व अधिकारियों की सांठगांठ से अपात्रों को आवास दिए गए हैं जिनके पक्केेे मकान व जमीने मौजूद हैं

अगर सरकार  द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का सीधेे-सीधे आवंटन गरीबों को किया जाए तो कोई भी गरीब ना तो भूखा रहेगा ना ही आवास से वंचित रहेगाा। लेकिन ग्राम प्रधान व अधिकारियों की सांठगांठ से उन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल जाता है जिनके पास पहले से ही रहने को आवास व खेती की जमीन भी मौजूद होती है इस संबंध में एक बार  पुनः जब खंड विकास अधिकारी से बात की गई तो खंड विकास अधिकारी ने कहां की प्रकरण मेरेेे संज्ञान में नहीं था अब मेरेेेे संज्ञान में आया है मैं जांच करा कर पीड़ित को आवास दिलानेे का कार्य करूंगा लेकिन अब देखना यह है कि पीड़ित की जैसेेेे 10 वर्षों से जांच हो रही है उसी प्रकार से जांच होती रहेगी या पीड़ित को प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिलेगा। 

   

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