ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को नैनो तरल यूरिया रोक सकती है -योगेंद्र कुमार

पांच बोतल नैनो के प्रयोग से एक वृक्ष लगाने के बराबर लाभ।

ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को नैनो तरल यूरिया रोक सकती है -योगेंद्र कुमार

इफको की अंतर इकाई महोत्सव का तीसरा दिन।

स्वतंत्र प्रभात
ब्यूरो प्रयागराज 
दया शंकर त्रिपाठी।

इफको के विपणन निदेशक योगेंद्रकुमार ने कहा है कि दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते हुए खतरे को केवल नैनो ही रोक सकती है दूसरा कोई विकल्प नहीं है। श्री कुमार इफको फूलपुर इकाई में चल रहे 11में अंतर इकाई सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।


5 बोतल नैनो का प्रयोग एक ब्रिच्छ लगाने के समान।

 कहा कि अंतरराष्ट्रीय  अनुसंधान केंद्र मनीला की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 5  बोतल नैनो युरिया  तरल का प्रयोग करने से एक वृक्ष लगाने की बराबर लाभ होता है ।

हम आप भाग्यशाली है कि इफको  ने कार्बन उत्सर्जन  को कम करने के लिए अब तक 5 करोड़ 60लाख बोतल नैनो यूरिया तरल का विक्रय बुरे देश में किसानों के बीच कर दिया जो एक करोड़ 15लाख बृच्छ के रोपण के बराबर है। जिस दिन 22 करोड़ हम नेनो यूरिया का उत्पादन और विक्रय कर  देंगे उस दिन देश में 15 करोड़ वृक्ष लगाने का श्रेय मिलेगा।

पांच बोतल नैनो के प्रयोग से एक वृक्ष लगाने के बराबर लाभ।

ग्लोबल वार्मिंग के  प्रति आगाह किया।

श्रीकुमार ने आने वाले खतरे के प्रति आगाह करते हुए  कहा क्षिति जल पावक गगन समीरा पंचतत्व यह रचित शरीरा ।जिस दिन इसमें से तीन तत्व प्रदूषण से खतरे में पड़ जाएंगे तो दो अपने आप खतरे में हो जाएंगे और ग्लोबल वार्मिंग का खतरा पूरे विश्व को ले लेगा ।

 नैनों का प्रयोग इसी ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए सबसे बड़ा उपाय हैं जो कार्बन उत्सर्जन को रोकेगा।

इफको भारतवर्ष में  उर्वरक की सबसे बड़ी विपणन कंपनी।

 उन्होंने कहा कि इफको 128 लाख टन उर्वरक का विपणन कर देश में पहले स्थान पर है जबकि इसके आधे से भी कम पर दूसरे नंबर की संस्था है। इफको विश्व की एकमात्र संस्था है जो नैनो यूरिया तरल का उत्पादन कर रही है एवं हमने इसका पेटेंट भी करवाया है जिसका श्रेय इफको के प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी जी को जाता है। प्रंबध निदेशक के निर्देश पर इफको ने वाणिज्यक उत्पादन से पूर्व 5 लाख 85 हजार नैनो यूरिया बोतल देश के किसानों को निशुल्क उपलब्ध करवाया गया ताकि इफको किसानों में विश्वास पैदा कर सके।

इफको की अंतर इकाई महोत्सव का तीसरा दिन।5बोतल नैनो का प्रयोग एक ब्रिच्छ लगाने के समान।

धान की खेती के लिए वरदान है नैनो।

 अंतर्राष्ट्रीय राईस अनुसंधान संस्थान, मनीला ने कहा है कि यदि विश्व के आधे धान की फसलों पर नैनो यूरिया का उपयोग किया जाए तो 4.7 मिलियन टन कर्बन का उत्सर्जन कम हो जाएगा। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धरती को तबाही से बचाने के लिए आवाहन किया कि यूरिया खाद को तत्काल अधिकार करने का प्रयास करिए और धीरे-धीरे उसको पूर्ण रूप से प्रयोग करने से वंचित कर देना ही लक्ष होना चाहिए।


जब भी नैनो का इतिहास लिखा जाएगा इफको और अवस्थी जी का नाम नही भूल सकता।


डॉ कुमार ने कहा आने वाले समय में जब भी कभी इतिहास लिखा जाएगा तो इस क्रांतिकारी उत्पाद नैनो के आविष्कार और उसके लाभ होने वाले लाभ का श्रेय इफको और उस के प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी को निश्चित रूप से जाएगा। और उनके साथ में जितने भी  कर्मचारी इंजीनियर शोधकर्ता लगे थे

सबका नाम इतिहास में दर्ज होगा ।उन्होंने कहा कि नैनो का आविष्कार सिर्फ और सिर्फ पूरे विश्व में अगर कोई संस्था कर सकती थी वह इफको  ही कर सकती है  और प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी की दृढ़ इच्छाशक्ति लगन शीलता   देश और  किसानों के प्रति उनकी आस्था ही कर सकती थी जो कर के दिखाया।

इफको की अंतर इकाई महोत्सव का तीसरा दिन।


जीवन में ऐसा प्रबंध निदेशक मैंने कहीं नहीं देखा।

विपणन निदेशक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में  डॉ उदय शंकर अवस्थी जैसा प्रशासक मजबूत इच्छाशक्ति वाला काम के प्रति प्रेरणा देने वाला प्रबंध निदेशक नहीं देखा जिन्होंने कभी अगर कहीं से गलती भी हो गई हो और उनको जानकारी दी गई होगी तो उन्होंने यह नहीं कहा कि ऐसा क्यों हुआ बल्कि उन्होंने यह कहा जो हो गया है वही सही है।कोई चिंता की बात नहीं।


इफको की संस्कृति इफको की संस्कृति उत्कृष्ट है ।


मुख्य अतिथि योगेंद्र कुमार ने कहा कि इफको की संस्कृति एक उत्कृष्ट संस्कृति रही है। आपसी सहयोग, निष्ठा, लगन, भाईचारा यहां की पहचान रही है। उन्होंने कहा कि फूलपुर इकाई में सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है एवं इसे जिस तरह से सजाया गया और प्रस्तुति दी गई यह अद्भुत एवं अविस्मरणीय है। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाली टीमों को बधाई दी।


कार्य क्रम की उत्कृष्टता।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट जनों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। आंवला इकाई की टीम ने गणपति वंदना एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कलाकारों ने कुचपुड़ी शास्त्रीय नृत्य परंपरा के अंतर्गत आने वाले मरकत मणिमय युगल नृत्य प्रस्तुत किया। सबसे आकर्षण का केंद्र पद्मश्री दयाप्रकाश सिन्हा द्वारा लिखित नाटक सीढ़ियां रहा जिसका किरदार सलीम पूरे समाज को कठघरे में खड़ा करता है। इसके अलावा लोकगीत, लोकनृत्य, युगल गीत , स्किट, कालिया मर्दन, इफको पर आधारित गाना, डांस ड्रामा प्रस्तुत किये गये।

 अनुष्का, प्रतिभा, अनुप व अन्य ने कार्यक्रम में भाग लिया। वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक इफको फूलपुर संजय कुदेशिया, ऑल इंडिया इफको ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी, ऑल इंडिया इफको कर्मचारी संघ के महामंत्री बृजेश कुमार, इफको आंवला आफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री अनिल दुबे, आंवला कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेन्द्र कुमार, संयुक्त महाप्रबंधक क्रमशः संजय वैश्य, एम.डी. मिश्र, ए.पी.राजेन्द्रन, पी.के.सिंह, संजय भंडारी व अन्य संयुक्त महाप्रबंधक उपस्थित रहे विभागाध्यक्ष मानव संसाधन शम्भू शेखर, इफको फूलपुर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनू तिवारी व महामंत्री स्वयं प्रकाश, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पंकज पाण्डेय व महामंत्री विनय यादव एवं बड़ी संख्या में इफको कर्मचारी सपरिवार कार्यक्रम में उपस्थित रहे।  कार्य क्रम का संचालन एसके सिंह का सराहनीय रहा।

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