जिधर देखो पानी ही पानी, स़डकों-गलियोंं में चल रही हैंं नावें

गंगा-यमुना ब़ढ रही हैं लगातार, चोरी के डर से नहींं छो़ड रहे हैंं घर 

 
जिधर देखो पानी ही पानी, स़डकों-गलियोंं में चल रही हैंं नावें  ​​​​​​​

स्वतंत्र प्रभात

प्रयागराज गंगा और यमुना नदियोंं का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। शनिवार को गंगा और यमुना लगातार ब़ढ रही थी, वहीं सुबह दस बजे यमुना स्थिर हो गयी थीं। वहीं करेली के जेके नगर में बाढ़ का पानी कॉलोनी में भर जाने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिवार के लोग मकान के दूसरे तल पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को ट्यूब पर बैठाकर बाहर निकाला जा रहा है। एनडीआरएफ के जवान पूरे इलाके में सक्रिय हो गए हैं।बाढ़ में फंसे लोगों को राहत शिविरों में शरण दी जा रही है। हजारों परिवार अब भी बाढ़ में फंसे हुए हैं। ज्यादातर ने भूतल में पानी भरने की वजह से प्रथम तल में शरण ले ली है। प्रशासन की

ओर से लगातार वहां से निकलने की अपील की जी रही है लेकिन चोरी की डर की वजह से लोग अपनी गृहस्थी छोड़ना नहीं चाह रहे। हालांकि, जलस्तर बढ़ने के साथ उनकी हिम्मत भी टूटने लगी है और लगातार पलायन जारी है।गंगा-यमुना उफान पर हैं। शुक्रवार दोपहर में ही खतरे के निशान को पार गया। इसकी वजह से हजारों मकान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और लोग पलायन के लिए मजबूर हैं। कछार में बसे लोगों की आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। पीछे से काफी पानी छोड़ा गया है और दोनों नदियों का जलस्तर 2013 में आई बाढ़ के स्तर को भी पार कर सकता है। 2013 में जलस्तर 86.82 मीटर के पार हो गया था, जो 1978 में आई बाढ़ के बाद सबसे अधिक जलस्तर है। 

   

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