किसानो के हितों से जुड़ी बैंक है जेएसके - कलेक्टर
बैंक कार्यों की विषयवार हुई समीक्षा, नैनो यूरिया, डीएपी को बताया किफायत

हमारी समिति का विकास होगा तो देश का विकास होगा इसलिए नैनो यूरिया, डीएपी को बढ़ावा दे।
स्वतंत्र प्रभात, जिला ब्यूरो। हेमेन्द्र क्षीरसागर। मध्यप्रदेश।
बालाघाट। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, बालाघाट की 126 सहकारी समिति सीधे तौर पर किसानो के हितों से जुड़ी हुई है। उक्ताशय के उदगार कलेक्टर व बैंक प्रशासक डा. गिरीश कुमार मिश्रा ने बैंक मुख्यालय सभागार में 25 जुलाई को आयोजित बैंक कार्यों की समीक्षा और इफको द्वारा नैनो यूरिया, डीएपी के उपयोग के संबंध में आयोजित प्रशिक्षण में उपस्थित शाखा प्रबंधक, सुपरवाइजर, प्रशासक पैक्स समिति, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी की बैठक के दौरान व्यक्त किया गया।
कलेक्टइर डॉ मिश्रा ने बैंक कार्यों की विषयवार समीक्षा करते हुए कहा कि किसानो के हितों में अल्पावधि फसल ऋण की साख सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख तक नियमानुसार योजना बनाई गई है। जिसका लाभ जिले के किसानो को मिलेगा। उन्होंने कहा कि नाबार्ड और अन्य निरीक्षण के अनुसार कार्य करे, बैंक की रिकवरी की स्थिति अच्छी है, एनपीए कम हुआ है। इसके अलावा समिति स्तर के रिक्शिलेशन पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने बैंक के अन्य विषयो शाखा स्तर एवं समिति स्तर की कृषि ऋणों की स्थिति, अमानत संग्रहण की स्थिति, शाखा में संधारित बचत खातों में आधार लिंक केवाईसी अपडेट, कृषि आदान की उपलब्धता एवं वितरण, खरीफ ऋण वितरण, पैक्स कंप्यूटराइजेशन हेतु एफवीआर, सीबीएस अंतर्गत डारमेट, इनॉपरेटिव खाते को लेकर समीक्षा करते हुए दिशा निर्देश दिए। उन्होंकने कहा कि नैनो यूरिया और डीएपी किसानो के लिए किफायत है इस ओर किसानो को जागरूक करने की आवश्यकता है।
कृषि ऋण व्यवसाय में होगी वृद्धि: सीईओ पटले
जिला स्तरीय बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बालाघाट के सीईओ आर.सी. पटले ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के आर्थिक रूप से सुदृढ़ किए जाने के चलते किसानों के हितार्थ अल्पावधि फसल ऋण की अधिकतम सीमा राशि तीन लाख को बढ़ाकर पांच लाख किए जाने नियमानुसार और पात्रता अनुसार योजना बनाई गई है। इसके अलावा श्री पटले ने सभी शाखा प्रबंधकों, सुपरवाइजर को बैंक से सबंधित कार्यों को लेकर विषयवार आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस दौरान क्षेत्रीय अधिकारी इफको जबलपुर आर.के. मिश्रा ने कहा कि नैनो यूरिया, डीएपी भारत से अन्य देशों में जा रही है। उन्होंने कहा कि पैक्स समिति निचले स्तर में कार्य करती है। हमारी समिति का विकास होगा तो देश का विकास होगा इसलिए नैनो यूरिया, डीएपी को बढ़ावा दे। श्री मिश्रा ने नैनो यूरिया, डीएपी के फायदे और खेतो, सब्जी में इसके उपयोग की विस्तृत रूप से जानकारी दी।
इसी तारतम्य में डीडीए राजेश खोबरागड़े ने कृषि से आधारित आवश्यक जानकारी दी। साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र बालाघाट डा. आर.एल. राउत ने भी अपने अनुभव साझा किया। मंचासिन अथितियो ने शासन की शून्य प्रतिशत, फसल बीमा के संबध में जानकारी से अवगत कराया गया।
बैठक में जिला क्षेत्रीय अधिकारी इफको वैदिक अगाल, जिला क्षेत्रीय अधिकारी सिवनी अनिल बिरला, पी जोशी प्रबंधक लेखा, विपणन अधिकारी आर.के. असाटी, आशीष मिश्रा, प्रकाश साहू, अनिरुद्ध वाग्दे, मोरेश्वर फुडे, दीपक देशमुख, राजेश दुबे ,दीनदयाल ठाकरे, आर.के. हरिनखेडे, ऋषि कुमार बिसेन, विजय मिश्रा, एस.एल. तुरकर, एस एल पंद्रे, आर. के. पोनीकर, के. एस. सैयाम, भूमेश्वरी नागेश्वर आदि उपस्थित रहे।
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