साहब है मस्ती में जनता डूबी गर्मी में-सफीपुर अस्पताल ​​​​​​​

कोई ठोस कार्यवाही नही हुई इन सब लापरवाहियों को देखते हुए लग रहा है कि आम जनमानस सफीपुर अस्पताल राम भरोसे ही आये जीवित वापस जाए तो स्वयं प्रसाद चढ़ाए नही तो उसकी कब्र पर उसके परिजन तो चढ़ा ही देंगे 
 
साहब है मस्ती में जनता डूबी गर्मी में-सफीपुर अस्पताल

स्वतंत्र प्रभात

सफीपुर-उन्नाव  जिले में अगर इस समय सबसे चर्चित मामले हैं तो वो है जीवन की सबसे जरूरी चीजों में एक वो है अस्पताल जहां लोगो को नया जीवन मिलता है, आंशिक परेशानियों से निजाद भी मिलती है साफ तौर पर कहे तो जीवन जीने की प्रमुख व्यवस्था, और जो इन सब परेशानियों से निजाद दिलाते हैं उनको आम जनमानस इंसान के रूप में भगवान मानती है लेकिन सफीपुर सरकारी अस्पताल में नजारा बिल्कुल  उल्टा ही दिखाई दे रहा है, क्षेत्र से काफी दूर दूर से गरीब असहाय सरकारी अस्पताल में जांच ,कराने दवाई लेने आते है जो कि वर्तमान में गर्मी ने सबको परेशान करके रखा हुआ है मरीज बेचारे अस्पताल में घुसते ही देखते हैं साहब के कमरों में वातानुकूलित व्यवस्था है सारी मसीनरी लगी है इसी बीच जनता के दिमाग मे भी आता है कि भले हमको वातानुकूलित जगह न मिले , भले भारी भरकम कूलर न मिले लेकिन

पंखे की हवा तो जरूर नसीब होगी ही, लेकिन जब हाल में पहुचते है तो देखते है भारी संख्या में लोग खड़े है जिनमे बहुत सी गर्भवती महिलाएं खड़ी है और उनके सर से पूरे प्रवाह से पसीना बह रहा है बहुत सी ऐसी भी महिलाएं हैं जिनके गोद में बच्चे है और गर्मी से चिल्ला रहे है उसके बावजूद महिला अपने बच्चे को हवा नही दे सकती क्योंकि सारी व्यवस्था सिर्फ वहां के कर्मचारियों में ही उपलब्ध है जहां पर जनता खड़ी है एक भी पंखा नही चल रहा होता है, ये हाल तब है जब अस्पताल में औचक निरीक्षण लगा हुआ है यही नही सफीपुर में स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी राजेश वर्मा के पास तो समय ही नही है जो इन सब चीजों पर जरा सा भी ध्यान दे सके उनको तो रोज अपने घर निकलने की जल्दी रहती है पिछले कुछ ही समय मे कई हॉस्पिटलों में , कई सारी घटनाएं हुई लेकिन किसी पर आज तक

   

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