दुधवा नेशनल पार्क में चल रही विश्व प्रसिद्ध गैंडा परियोजना में एक नर गैंडे की मौत से मचा हड़कंप -

दुधवा नेशनल पार्क में चल रही विश्व प्रसिद्ध गैंडा परियोजना में एक नर गैंडे की मौत से मचा हड़कंप -

स्वतंत्र प्रभात 
 
पलिया कलां खीरी- दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज मे विश्व प्रसिद्ध गैंडा परियोजना में बढ़ते गैंडों के कुनबे से वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर देखी जा रही थी वही आज एक नर-गैंडे की मौत से वन विभाग को अपूर्णीय क्षति हुई है तथा वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर भी देखी जा रही है। हांलाकि गैंडे की मौत का कारण अभी स्पस्ट नहीं है सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों का एक पैनल वन विभाग के उच्चाधिकारियों की देखरेख में पीएम कर रहा है पीएम के बाद ही गैंडे की मौत किन कारणों से हुई इस स्थिति को वन विभाग स्पष्ट कर पाएगा।
 
यहाँ आपको बतादें कि आसाम से 1984 में पांच गैंडों को लाया गया था जिन्हें दुधवा नेशनल पार्क की सलूकापुर रेंज में रक्खा गया था जहां उनके स्वच्छंद विचरण के तहत उनकी जनसंख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई वन सूत्रों के मुताबिक आज लगभग 40 गैंडे स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं।वन विभाग ने सन 2018 में गैंडा फेज-2 बेलरायां रेंज के छंगानाला में चार गैंडों में एक नेपोलियन नर व हिमांगनी,कल्पना,रोहणी मादा को विस्थापित किया गया था जिनका परिवार कुछ समय बाद बढ़ने लगा लेकिन वन विभाग की लापरवाही से एक गैंडे के बच्चे की कीचड़ में फंसे रहने से मौत हो गई थी । उसके कुछ समय बाद एक  गैंडे ने एक बच्चे को जन्म दिया जिससे इनकी सख्या फिर 5 हो गई लेकिन ये संख्या ज्यादा दिन तक न रह सकी वन सूत्रों के मुताबिक चार वर्ष के बच्चे की मौत होने से फिर गैंडा परिवार में चार ही रह गई जो एक निसन्देह चिंतनीय विषय है।
 
वन सूत्रों के मुताबिक गैंडे की मौत का कारण गैंडों के आपसी संघर्ष को बताया जा रहा है अक्सर यह होता है की गैंडा प्रजाति में नर गैंडा अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए संघर्ष करते हैं और यह नर ताकतवर गंगे अपने क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए एक छत्र राज चाहते हैं जिस कारण इनका जबरदस्त दूसरे गेंडो से संघर्ष होता है उसमें कभी-कभी किसी न किसी एक गैंडे की दुखद मृत्यु भी हो जाती है फिलहाल वन विभाग अभी कुछ भी कहने से मना कर रहा है वन विभाग ने आई इंडिया को बताया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस नर गैंडे की मौत की स्थिति स्पष्ट की जाएगी यह स्वाभाविक मौत है या किसी संघर्ष का परिणाम आज इस दुर्लभ प्रजाति के गैंडे की मृत्यु से दुधवा नेशनल पार्क सहित वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है

स्वतंत्र प्रभात मीडिया परिवार को आपके सहयोग की आवश्यकता है ।

About The Author

Post Comment

Comment List

No comments yet.

आपका शहर

अंतर्राष्ट्रीय

कालिकन धाम के गणेश देवतन पर शुरू हो रही भागवत कथा से पहले निकाली गई भव्य कलशयात्रा कालिकन धाम के गणेश देवतन पर शुरू हो रही भागवत कथा से पहले निकाली गई भव्य कलशयात्रा
रवि द्विवेदी रिंकू  संग्रामपुर,अमेठी। संग्रामपुर क्षेत्र के कालिकन धाम के पवित्र स्थान गणेश देवतन पर आज गुरूवार से श्रीमद्भागवत कथा...

Online Channel