ताल ठोक कर खुलेआम सरकारी राजस्व को लगा रहा है चुना,बिभाग गांधी जी के तीन बंदर की भूमिका में
बिना लाइसेंस केधड़ल्ले से बिक रहे हैं बालू गिट्टी , सूचना अधिकार से हुआ खुलासा

त्रिबेनीगंज (बिहार -सुपौल)
सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगेगा ,लेकिन यह सोलह आने हकीकत है कि त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र में एक भी बालू गिट्टी की लाइसेंसी दुकान नहीं है।बाबजूद प्रतिदिन सेकड़ो टन गिट्टी और बालू की खरीद बिक्री प्रसासन और पुलिस के आँख के सामने हो रही है।
इतना ही नहीं सरकारी योजनाओं में भी खुलेआम ये सामग्री लगाई जा रही हैं।और इन बिना लाइसेंसी दुकानों के वॉचर पर लाखों- लाख रुपये का भुगतान हो रहा है। खनन विभाग से बिना लाइसेंस प्राप्त किये दर्जनों दुकानदार बिना रोक टोक के हरेक महीने न सिर्फ समान बेच रहे हैं बल्कि लाखो रुपये सरकारी का राजस्व का ताल ठोक कर चूना लगा रहे हैं।
ऐसा नहीं है कि खनन विभाग व अन्य सरकारी अमला को इस गोरखधंधा की जानकारी नहीं है, लेकिन न जाने सभी मौन क्यो बने हुए हैं।और गाँधीजी तीन बन्दर की तरह अपना मुँह ,आखँ और कान बंद करके वेंटीलेटर पर चले गए हैं। यह एक ऐसा यक्ष प्रश्न है, जिसका जवाब शायद सरकारी बाबुओ के पास नहीं है।
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नगर परिषद में नही है एक भी लाइसेंसी दुकान
जिला खनन विभाग से सूचना अधिकार अधिनियम के तह द मिली जानकारी में कहा गया है कि त्रिबेनीगंज नगर परिषद स्थित लाइसेंसी बालू ,गिट्टी बिक्रेताओं यनि कि अनुज्ञप्ति धारी की संख्या शून्य है।इसलिए इनकी जाँच नही की गई है।
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दर्जनों की संख्या में खुले हुए हैं गिट्टी बालू की दुकान
त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र व आसपास के इलाकों में 60 से 70 बालू गिट्टी के डिपो खुले हुए हैं जहां प्रतिदिन सेकड़ो ट्राली बालू ,गिट्टी की खरीद बिक्री होती हैं।और लाखों रुपये की टैक्स चोरी हो रही हैं। खनन विभाग की गाड़ी भी अक्सर घूमते देखी जाती है, लेकिन इन्हें कोई रोक कर जाँच करने की जहमत नहीं उठाता है।
आरटीआई कार्यकर्ता डॉ इंद्रभूषण प्रसाद कहते हैं कि लोक सूचना अधिकारी सह सहायक निर्देशक खान व भूतत्व सुपौल द्वारा सूचना अधिकार के तहद दी गई सूचना चोकाने वाली है।
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